National Land Monetisation Corporation (NLMC) ने Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL) की **459** संपत्तियों को बेचने के लिए ई-नीलामी का ऐलान किया है। यह नीलामी **12 अक्टूबर** और **16 अक्टूबर** को होगी, जिसका मकसद नकदी संकट से जूझ रही कंपनी के लिए फंड जुटाना है।
वित्त मंत्रालय के तहत आने वाली National Land Monetisation Corporation (NLMC) ने विशाखापत्तनम स्थित सरकारी स्टील निर्माता Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL) की जमीनों के निस्तारण की योजना अंतिम रूप दे दी है। इस प्रक्रिया में करीब 93,572 वर्ग गज की संपत्ति बेची जाएगी, जिसमें Maddilapalem की HB कॉलोनी में रेजिडेंशियल प्लॉट्स और Gajuwaka के Auto Nagar में कमर्शियल यूनिट्स शामिल हैं।
नीलामी प्रक्रिया और नियम
सरकार ने इस पूरी नीलामी प्रक्रिया के लिए Quikr India Private Limited को कंसल्टेंट नियुक्त किया है। इच्छुक बोलीदाताओं को RailTel के E-Nivida पोर्टल के जरिए हिस्सा लेना होगा। प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बोली लगाने वालों को ऑनलाइन KYC पूरा करना अनिवार्य है और प्रत्येक प्लॉट के लिए ₹2 लाख की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करनी होगी। सरकार का दावा है कि ये संपत्तियां पूरी तरह से विवाद मुक्त (encumbrance-free) हैं।
RINL के लिए वित्तीय मायने
निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटना है। हालांकि RINL शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन यह नीलामी कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने की एक कोशिश है। कंपनी लंबे समय से भारी कर्ज और नेगेटिव नेटवर्थ जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। गैर-प्रमुख संपत्तियों (non-core assets) को बेचकर जो पैसा आएगा, उसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने और ऑपरेशनल खर्चों को संभालने में किया जाएगा।
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि यह नीलामी कंपनी को फौरी राहत देगी, लेकिन स्टील सेक्टर के लिए कच्चा माल, जैसे कि कोकिंग कोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या बाजार में इन संपत्तियों के लिए खरीदार मिलते हैं या नहीं। यह सफलता भविष्य में अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) की जमीन मुद्रीकरण की राह भी तय करेगी।
