दुनिया भर के शेयर बाजारों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह Brent Crude का **$104** के पार पहुंचना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लिए गए भारी-भरकम कर्ज पर निवेशकों की चिंता है।
गुरुवार को ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में तेज बिकवाली देखी गई। S&P 500, Nasdaq Composite से लेकर एशियाई मार्केट के Nikkei और KOSPI तक, हर जगह निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर रहा।
क्रूड ऑयल का दबाव
बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आया उछाल है। Brent Crude $104.28 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। मिडल ईस्ट में तनाव और सप्लाई की दिक्कतों के कारण तेल महंगा हो रहा है। महंगाई का खतरा बढ़ने से अब फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो गया है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्ज का संकट
बाजार अब उन कंपनियों पर सवाल उठा रहा है जो AI रेस में बने रहने के लिए भारी कर्ज ले रही हैं। Oracle, Broadcom और SpaceX जैसी बड़ी कंपनियां डेटा सेंटर्स और हाई-एंड चिप्स के लिए लगातार कर्ज उठा रही हैं। अब निवेशक इस बात से डर रहे हैं कि अगर इन निवेशों से तगड़ा रिटर्न नहीं आया, तो ऊंची ब्याज दरों के दौर में कंपनियों का बैलेंस शीट कैसे संभलेगा।
भारतीय निवेशकों के लिए चिंता
भारत के लिए यह खबर चिंताजनक है। चूंकि भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक (Importer) है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें देश के करंट अकाउंट डेफिसिट और महंगाई पर बुरा असर डाल सकती हैं। इसके अलावा, ग्लोबल टेक कंपनियों का बजट कट भारतीय IT सेक्टर के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब सभी की नजरें ग्लोबल इंफ्लेशन डेटा और मिडल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति पर टिकी हैं।
