मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव घटने से ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स में शुक्रवार को अच्छी तेजी देखी गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और चीन द्वारा फ्यूल एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने से निवेशकों का डर कम हुआ है।
ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स ने हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को बाजार का मूड तब बदला जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि 3 नवंबर 2026 के मिड-टर्म चुनावों से पहले ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। इस राजनयिक संकेत से मिडिल ईस्ट को लेकर बना डर कम हुआ और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
एनर्जी सेक्टर को मिली राहत
निवेशकों की नजर लगातार एनर्जी सेक्टर पर है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स गिरकर लगभग $103 प्रति बैरल पर आ गए हैं, वहीं WTI क्रूड भी $91 के आसपास ट्रेड कर रहा है। महंगाई के दबाव के बीच यह गिरावट राहत भरी है। राहत की एक और बड़ी वजह चीन द्वारा रिफाइंड फ्यूल (जैसे पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल) का एक्सपोर्ट फिर से शुरू करना है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतें कम हुई हैं।
टेक सेक्टर में रिकवरी
हालिया उतार-चढ़ाव के बाद टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी रौनक लौटी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी रेवेन्यू प्रोजेक्शन पर स्पष्टता आने से दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखी गई है। निवेशक अब एक बार फिर इस सेक्टर के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल पर फोकस कर रहे हैं।
अभी भी हैं कुछ जोखिम
बाजार में जोश जरूर है, लेकिन चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। इसके अलावा, तूफान 'इसैयास' (Hurricane Isaias) के कारण मैक्सिको की खाड़ी में रोजाना करीब 1.28 मिलियन बैरल का तेल उत्पादन ठप पड़ा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या ये डिप्लोमैटिक संकेत लंबी अवधि के लिए कारगर साबित होते हैं या फिर चुनाव के बाद तनाव फिर से सिर उठाता है।
