Global Market: Trump-Xi की बैठक और Fed के फैसलों पर टिकी नजर, क्या और महंगा होगा कर्ज?

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Global Market: Trump-Xi की बैठक और Fed के फैसलों पर टिकी नजर, क्या और महंगा होगा कर्ज?

ग्लोबल मार्केट फिलहाल दो बड़े ट्रिगर्स पर फोकस कर रहा है—Trump और Xi Jinping की संभावित मुलाकात और US Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर नीति। डॉलर के मुकाबले रुपया **95.88** के स्तर पर है, जिससे घरेलू बाजार में लिक्विडिटी और बॉन्ड यील्ड पर दबाव बना हुआ है।

Fed पॉलिसी का असर

US Federal Reserve ने हाल ही में ब्याज दरों को 3.75-4.00% की रेंज में बढ़ाया है। बाजार में अब अक्टूबर की बैठक में एक और बढ़ोतरी की संभावना 58% तक आंकी जा रही है। फेड के 18 में से 16 पॉलिसी मेकर्स और बढ़ोतरी के पक्ष में हैं, जिससे अब निवेशकों की नजर फेड अधिकारियों के बयानों पर टिकी है ताकि 'टर्मिनल रेट' का अंदाजा लगाया जा सके।

भारतीय बाजार पर दबाव

मजबूत डॉलर के सामने भारतीय रुपया शुक्रवार को 95.88 पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कोशिशों के बावजूद, ग्लोबल ब्याज दरें और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें स्थानीय बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 7.07% पर है और इसके निकट भविष्य में 7.00% से 7.15% के बीच रहने की उम्मीद है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड का सीधा असर स्टॉक वैल्यूएशन पर पड़ता है। लिक्विडिटी मैनेज करने के लिए RBI लगातार वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो और ओपन मार्केट सेल जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है।

क्रूड ऑयल और करेंसी का हाल

सऊदी अरब द्वारा निर्यात बढ़ाने से ब्रेंट क्रूड की कीमतें थोड़ी नरम होकर $101.7 प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन भू-राजनीतिक तनावों के कारण अभी भी रिस्क प्रीमियम बना हुआ है। वहीं, बैंक ऑफ जापान द्वारा 0.25% की बढ़ोतरी के बावजूद जापानी येन (Yen) कमजोर है और USD/JPY पेयर 160 के स्तर के करीब बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.