सस्ता कर्ज मिलना अब इतिहास बन चुका है। Banque de France के पूर्व डिप्टी गवर्नर Jean-Pierre Landau ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी। **5.28%** के करीब पहुंच चुकी US 10-year Treasury yields ने कंपनियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
ग्लोबल इकोनॉमी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। Banque de France के पूर्व डिप्टी गवर्नर Jean-Pierre Landau के अनुसार, अब दुनिया उस दौर में प्रवेश कर चुकी है जहां पूंजी महंगी रहेगी। यह कोई अस्थाई झटका नहीं, बल्कि एक स्ट्रक्चरल बदलाव है, जिसकी गवाही 5.28% के आसपास ट्रेड कर रही US 10-year Treasury yields दे रही हैं।
महंगी पूंजी के तीन बड़े कारण
ब्याज दरों में इस तेजी के पीछे तीन मुख्य वजहें हैं। पहली, चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ती उम्र के कारण ग्लोबल सेविंग्स का पूल कम हो रहा है। दूसरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और इमर्जिंग मार्केट्स में इंडस्ट्रियल कैपेसिटी बढ़ाने के लिए फंड्स की भारी मांग है। तीसरी, दुनिया भर की सरकारों पर चढ़ा रिकॉर्ड सॉवरेन डेट, जो उधार लेने की लागत को हमेशा ऊंचा बनाए रखेगा।
कंपनियों पर कैसे पड़ेगा असर?
फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद का दौर अब खत्म हो चुका है। जब कर्ज सस्ता था, तब कंपनियां बिना सोचे-समझे उधारी ले लेती थीं और कम एफिशिएंसी के बावजूद काम चला लेती थीं। अब स्थिति उलट है। ब्याज का खर्च बढ़ने से कंपनियों के नेट प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा प्रहार होगा। जिन कंपनियों पर कर्ज का बोझ ज्यादा है, वे अब मुश्किल में फंस सकती हैं।
वित्तीय प्रणाली में छिपे जोखिम
सबसे बड़ा खतरा नॉन-बैंक फाइनेंशियल सेक्टर में है। ये प्राइवेट क्रेडिट मार्केट और लेंडर्स बड़ी मात्रा में सरकारी कर्ज होल्ड करते हैं, लेकिन इन पर बैंकों जैसी सख्त रेगुलेटरी नजर नहीं होती। यदि यहां लिक्विडिटी का संकट आता है, तो यह पूरी ग्लोबल सिस्टम के लिए अस्थिरता पैदा कर सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
अब निवेश में 'सिलेक्टिव' होना जरूरी है। बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे, इसलिए आपको उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनका बैलेंस शीट मजबूत है। देखें कि क्या कंपनी के पास ऐसी 'प्राइसिंग पावर' है कि वह बढ़े हुए ब्याज खर्च का बोझ ग्राहकों पर डाल सके? जो कंपनियां बार-बार महंगे कर्ज को रिफाइनेंस करने के लिए मजबूर होंगी, उनकी फाइनेंशियल स्थिति कमजोर हो सकती है।
