Global Bond Yields: दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंचे बॉन्ड यील्ड, क्या शेयर बाजार में मचेगी खलबली?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Global Bond Yields: दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंचे बॉन्ड यील्ड, क्या शेयर बाजार में मचेगी खलबली?

अमेरिका और जापान में सरकारी बॉन्ड यील्ड दशकों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी कर्ज और महंगाई की चिंताओं ने बाजार को हिला दिया है। वैश्विक निवेशकों के लिए यह स्थिति महंगे कर्ज और इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव का बड़ा संकेत है।

ग्लोबल फिक्स्ड-इनकम मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 2 सितंबर, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर लगभग 4.81% पर पहुंच गई है, जबकि जापान का 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 1996 के बाद पहली बार 3% के स्तर को पार कर गया है। यह तेजी रियल एस्टेट से लेकर कॉरपोरेट क्रेडिट तक, हर एसेट क्लास की री-प्राइसिंग करने पर मजबूर कर रही है।

क्यों बढ़ रही है बॉन्ड की यील्ड?

इस दबाव की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लिया जा रहा भारी कर्ज है। Alphabet, Amazon, Meta, Microsoft और Oracle जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने डेटा सेंटर के विस्तार के लिए 2026 में अपना कर्ज काफी बढ़ा दिया है। मिड-2026 तक, AI से संबंधित कुल कॉरपोरेट डेट इश्यू $489 बिलियन तक पहुंच गया है। जब बाजार में इतनी बड़ी मात्रा में बॉन्ड आते हैं, तो निवेशक उन पर अधिक यील्ड की मांग करते हैं, जिससे बेंचमार्क यील्ड ऊपर चली जाती है।

इसके अलावा, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव (खासकर अमेरिका-ईरान के बीच) ने मार्केट को 'हायर-फॉर-लॉन्गर' इंटरेस्ट रेट मोड में डाल दिया है।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या है खतरा?

जब 'रिस्क-फ्री' अमेरिकी ट्रेजरी 5% के करीब पहुंचती है, तो ग्लोबल फंड मैनेजर्स का गणित बदल जाता है। वे उभरते बाजारों (जैसे भारत) के जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर अमेरिकी सुरक्षित बॉन्ड की ओर रुख कर सकते हैं। इससे स्टॉक मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भविष्य की कमाई का डिस्काउंट रेट बढ़ जाता है, जिससे हाई-ग्रोथ शेयरों का वैल्यूएशन गिर सकता है।

अब सबकी नजरें सेंट्रल बैंक की अगली पॉलिसी मीटिंग्स और सरकारी घाटे के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि यह दबाव कब तक बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.