अमेरिका में 30-साल की ट्रेजरी यील्ड **5.3%** के पार निकल गई है, जो साल 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर बाजार के लिए खराब होती हैं, लेकिन इस बार एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश इसे सहारा दे रहा है।
सालों से निवेशक एक पुराने नियम का पालन कर रहे हैं: जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो शेयर बाजार गिरता है। इसका तर्क सीधा है—ऊंची ब्याज दरों के कारण सरकारी बॉन्ड, शेयरों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बन जाते हैं। लेकिन अमेरिका का मौजूदा माहौल इस पुरानी थ्योरी को चुनौती दे रहा है।
क्यों अलग है इस बार का मामला?
अगस्त 2026 के अंत तक, अमेरिकी 30-साल की ट्रेजरी यील्ड 5.3% के ऊपर पहुंच गई है। जहां विश्लेषक अक्सर यील्ड में ऐसी तेजी को मंदी का संकेत मानते हैं, वहीं इस बार इसकी मुख्य वजह कॉर्पोरेट कर्ज का बढ़ना है। दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां एआई डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी उधार ले रही हैं। इसे बजट घाटे को भरने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के विकास के लिए 'प्रोडक्टिव खर्च' माना जा रहा है।
बाजार की मजबूती का राज
चूंकि यह निवेश एआई और तकनीक के जरिए भविष्य की कमाई बढ़ाने पर केंद्रित है, इसलिए मार्केट ने आश्चर्यजनक मजबूती दिखाई है। एआई की ग्रोथ से कंपनियां भविष्य में बेहतर मुनाफे की उम्मीद कर रही हैं, जो महंगी उधार दरों के बावजूद उनके वैल्यूएशन को सही ठहराता है। यह एक 'टू-स्पीड इकोनॉमी' जैसा है, जहां एक हिस्सा इनोवेशन से बढ़ रहा है और दूसरा हिस्सा ऊंची लागत से जूझ रहा है।
कहां हैं खतरे के संकेत?
इन सब के बीच रिस्क को अनदेखा नहीं किया जा सकता:
- $40 ट्रिलियन का अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज, जो राजकोषीय स्थिरता (Fiscal Sustainability) पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
- ईरान में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा की कीमतें अस्थिर हैं, जो महंगाई बढ़ा सकती हैं और यील्ड को और ऊपर धकेल सकती हैं।
बाजार जानकारों का मानना है कि अगर 10-साल की ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब पहुंचती है, तो S&P 500 में 15% से 20% तक की गिरावट आ सकती है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व के रुख और एआई निवेश चक्र पर बनी रहनी चाहिए, जो तय करेगा कि क्या यह रैली जारी रहेगी या बॉन्ड बाजार कोई बड़ी चेतावनी दे रहा है।
