केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों से बाइक टैक्सी को कानूनी मान्यता देने की अपील की है ताकि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। इसके साथ ही, सरकार मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक नया 'नेगेटिव पॉइंट सिस्टम' लाने की तैयारी में है, जो ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगा।
बाइक टैक्सी से ग्रामीण रोजगार की उम्मीद
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गिग इकोनॉमी को विस्तार देने के लिए राज्यों से बाइक टैक्सी को औपचारिक रूप से वैध बनाने की पुरजोर वकालत की है। सरकार का मानना है कि निजी टू-व्हीलर मालिकों को टैक्सी सेवा में शामिल करने से भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में लाखों लोगों को तत्काल कमाई का जरिया मिल सकता है। 2025 की एग्रीगेटर गाइडलाइंस के तहत इसका ढांचा तैयार किया जा चुका है, लेकिन राज्यों के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण इसे हर जगह लागू करने में चुनौती बनी हुई है।
ड्राइविंग लाइसेंस पर लटक सकती है तलवार
सरकार अब ट्रैफिक नियमों को लेकर और सख्त होने वाली है। मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के जरिए एक नया 'नेगेटिव पॉइंट सिस्टम' लाने की योजना है। इस नए सिस्टम में:
- हर ट्रैफिक उल्लंघन पर ड्राइवर के खाते में पेनल्टी पॉइंट जुड़ेंगे।
- एक निश्चित सीमा पार करते ही ड्राइविंग लाइसेंस रद्द या सस्पेंड किया जा सकेगा।
- इस कदम का मुख्य उद्देश्य आदतन ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसना है।
ड्राइवर वेलफेयर के लिए 'सुरक्षा' प्रोग्राम
इसके अलावा, मंत्रालय ने 'सुरक्षा' (Suraksha) नाम से एक पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च किया है। महाराष्ट्र के चंद्रपुर माइनिंग बेल्ट और NH-44 पर शुरू हुए इस प्रोग्राम के तहत 10,000 लोगों, जिनमें कमर्शियल ड्राइवर और कंस्ट्रक्शन वर्कर शामिल हैं, को मुफ्त मेडिकल डायग्नोस्टिक्स और काउंसलिंग दी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि राज्यों द्वारा बाइक टैक्सी पर लिए जाने वाले अलग-अलग फैसलों से एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के लिए रेगुलेटरी अनिश्चितता बनी रह सकती है। आने वाले समय में 'नेगेटिव पॉइंट सिस्टम' का असर गिग वर्कफोर्स की उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की ऑपरेशनल लागत पर भी देखने को मिल सकता है।
