Highway Rules: नितिन गडकरी का बड़ा फैसला, एक्सप्रेसवे पर अब मिलेगी राहत, कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर कसेगी नकेल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Highway Rules: नितिन गडकरी का बड़ा फैसला, एक्सप्रेसवे पर अब मिलेगी राहत, कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर कसेगी नकेल

सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे पर स्पीडिंग जुर्माने के लिए **20%** का बफर देने का ऐलान किया है, वहीं खराब निर्माण करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। सरकार अगले **5 साल** में **₹8 लाख करोड़** के इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी।

एक्सप्रेसवे पर स्पीडिंग नियम में राहत

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों को प्रैक्टिकल बनाया है। अब ड्राइवरों पर तब तक ऑटोमैटिक जुर्माना नहीं लगेगा जब तक गाड़ी की रफ्तार तय सीमा से 20% से ज्यादा न हो। उदाहरण के लिए, 120 किमी/घंटा की लिमिट वाले एक्सप्रेसवे पर अब चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लेन अनुशासन और अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर सख्ती

नितिन गडकरी ने खराब सड़क निर्माण और रखरखाव को लेकर कंपनियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। अब गड्ढों या खराब सतह के लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर्स को ब्लैकलिस्ट करने और भारी आर्थिक दंड लगाने की चेतावनी दी गई है। निवेशकों के लिए यह एक रिस्क फैक्टर है, क्योंकि गुणवत्ता में कमी का सीधा असर कंपनियों के भविष्य के टेंडर हासिल करने की क्षमता पर पड़ेगा। मंत्रालय अब 'नेटवर्क सर्वे व्हीकल्स' के जरिए इन निर्माणों की निगरानी करेगा।

आत्मनिर्भरता और बड़ा निवेश

सरकार अगले 5 वर्षों के दौरान टनल (सुरंग) निर्माण में ₹8 लाख करोड़ का भारी निवेश करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए सरकार विदेशी मशीनों, खासकर चीन से आयातित टनल-बोरिंग इक्विपमेंट पर निर्भरता कम कर रही है और घरेलू स्तर पर इनके निर्माण को प्रोत्साहित कर रही है।

एथेनॉल प्रोग्राम पर स्पष्ट संदेश

मंत्रालय ने E20 एथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम को लेकर अपनी प्रतिबद्धता फिर दोहराई है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर जताई जा रही चिंताओं को सरकार ने खारिज किया है। यह एनर्जी स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है, जिससे क्रूड ऑयल के इंपोर्ट बिल को कम करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में इन्फ्रा कंपनियों के मार्जिन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.