GST Council का बड़ा फैसला: E-commerce सेलर्स को मिलेगी बड़ी राहत, एक ही रजिस्ट्रेशन से होगा काम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
GST Council का बड़ा फैसला: E-commerce सेलर्स को मिलेगी बड़ी राहत, एक ही रजिस्ट्रेशन से होगा काम

GST Council की बैठक 7 अक्टूबर, 2026 को होने वाली है, जिसमें छोटे ई-कॉमर्स सेलर्स के लिए 'सिंगल-रजिस्ट्रेशन' स्कीम पर चर्चा होगी। इस बदलाव से करीब 9.5 लाख छोटे कारोबारियों को अलग-अलग राज्यों में रजिस्ट्रेशन कराने के झंझट से मुक्ति मिल सकती है।

क्या है नया प्रस्ताव?

GST Council की आगामी बैठक में 'GST 2.0' सुधारों पर चर्चा होगी, जिसका सबसे बड़ा फोकस छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं की राह आसान करना है। फिलहाल, छोटे कारोबारियों को हर उस राज्य में अलग GST रजिस्ट्रेशन लेना पड़ता है जहां वे अपना सामान वेयरहाउस में रखते हैं। नए प्रस्ताव के तहत, वे पूरे भारत में एक ही प्राइमरी रजिस्ट्रेशन के जरिए कारोबार कर पाएंगे।

सुरक्षा और वेरिफिकेशन के कड़े नियम

सिस्टम का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए सरकार ने सख्त गाइडलाइंस तैयार की हैं। विक्रेताओं को अपने होम स्टेट में फिजिकल वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था उन छोटे सप्लायर्स के लिए है जिनका हर राज्य में फिजिकल ऑफिस नहीं है, लेकिन वे अपनी पहुंच पूरे देश तक बढ़ाना चाहते हैं।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की बढ़ेगी जिम्मेदारी

इस बदलाव के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की भूमिका और अधिक अहम हो जाएगी। उन्हें हर राज्य में अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त करने होंगे जो टैक्स अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा सकें। साथ ही, प्लेटफॉर्म्स को डी-एक्टिवेटेड सेलर्स की जानकारी देना और टैक्स रिकवरी में मदद करने जैसे काम भी करने होंगे, जिससे उनका ऑपरेशनल खर्च बढ़ सकता है।

वित्तीय नियम (Financial Guardrails)

सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं। यदि किसी सेलर का मंथली इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) ₹2.5 लाख से ज्यादा होता है, तो उन्हें इस सरल व्यवस्था से बाहर निकलकर रेगुलर रजिस्ट्रेशन लेना होगा। साथ ही, ई-कॉमर्स के बाहर होने वाले किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए सामान्य GST रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रहेगा।

7 अक्टूबर की बैठक का निर्णय देश के छोटे बिजनेस इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो करीब 9.5 लाख छोटे सेलर्स को भारी प्रशासनिक बोझ से राहत मिलेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.