GST Council की बैठक 8 अक्टूबर को: खेती से जुड़े जरूरी सामान पर टैक्स घटने की उम्मीद

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
GST Council की बैठक 8 अक्टूबर को: खेती से जुड़े जरूरी सामान पर टैक्स घटने की उम्मीद

8 अक्टूबर, 2026 को होने वाली GST काउंसिल की 57वीं बैठक में खेती के जरूरी इनपुट जैसे ट्रैक्टर टायर और बायो-स्टिमुलेंट्स पर टैक्स कटौती पर चर्चा होगी। इसका मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था की लागत कम करना है, जिस पर निवेशकों की नजर टिकी है।

नई दिल्ली में होने वाली GST काउंसिल की 57वीं बैठक में कृषि क्षेत्र के लिए बड़े बदलावों की तैयारी है। सरकार का पूरा जोर खेती की लागत को घटाने और सप्लाई चेन में चल रही टैक्स संबंधी उलझनों को खत्म करने पर है।

कृषि इनपुट पर टैक्स राहत के प्रस्ताव

बैठक का मुख्य आकर्षण ट्रैक्टर टायरों पर टैक्स की दर को कम करना है। फिलहाल री-ट्रेडेड ट्रैक्टर टायरों पर 18% GST लगता है, जिसे घटाकर 5% करने का प्रस्ताव है। इससे छोटे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, समुद्र के शैवाल (seaweed) से बने बायो-स्टिमुलेंट्स को भी 18% से घटाकर 5% के स्लैब में लाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि किसान आधुनिक और सस्टेनेबल खेती की ओर बढ़ सकें।

सर्विस सेक्टर और भंडारण में बदलाव

काउंसिल बीज भंडारण (seed storage) से जुड़ी सेवाओं को GST के दायरे से बाहर कर सकती है। इसमें ग्रेडिंग और पैकिंग जैसी बेसिक प्रोसेसिंग भी शामिल हो सकती है। साथ ही, कॉफी-क्योरिंग और इसबगोल (psyllium seeds) को भी टैक्स में छूट या शून्य-दर (nil-rate) वाले ब्रैकेट में रखने का विचार है।

बड़े सुधार और निवेशकों के लिए संकेत

सिर्फ टैक्स कटौती ही नहीं, काउंसिल GST गिरफ्तारी के नियमों में भी बड़े बदलाव कर सकती है। अभियोजन (prosecution) की सीमा को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किया जा सकता है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि ये बदलाव 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) और 'इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर' को कैसे प्रभावित करते हैं। इन फैसलों के बाद कंपनियों को अपनी अकाउंटिंग और कंप्लायंस फाइलिंग्स को नए सिरे से अपडेट करना पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.