GST Council अपने कामकाज को तेज करने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने जा रही है। **7 अक्टूबर, 2026** को होने वाली **57वीं** बैठक में फिटमेंट कमेटी को भंग करने और गिरफ्तारी के अधिकारों को सीमित करने पर चर्चा हो सकती है।
प्रशासनिक ढांचे का कायाकल्प
GST काउंसिल अब एक leaner यानी छोटे और प्रभावी ढांचे की ओर बढ़ रही है। साल 2017 से चले आ रहे मल्टी-टियर कमेटी सिस्टम को खत्म कर अब इसे 3 मुख्य हिस्सों में सिमटाया जाएगा। इस बदलाव के तहत जीएसटी सचिवालय, एक इम्प्लीमेंटेशन कमेटी और अधिकारियों की एक स्टैंडिंग कमेटी काम करेगी।
सबसे अहम बदलाव 'फिटमेंट कमेटी' को लेकर है, जो अब तक टैक्स रेट्स और क्लासिफिकेशन तय करने का मुख्य जरिया थी। इसे भंग करके काम को एक ही चैनल के जरिए करने की योजना है, ताकि बिजनेस जगत को पॉलिसी संबंधी फैसलों के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
गिरफ्तारी के नियमों में बदलाव की तैयारी
सिर्फ प्रशासनिक सुधार ही नहीं, बल्कि सरकार प्रवर्तन (enforcement) नियमों को भी नरम बनाने पर विचार कर रही है। काउंसिल गिरफ्तारी की शक्तियों को सीमित करने और आपराधिक अभियोजन (criminal prosecution) के लिए मौद्रिक सीमा (monetary threshold) को बढ़ाने पर मंथन करेगी। उद्योग जगत के लिए यह एक राहत भरी खबर हो सकती है, क्योंकि इससे प्रक्रियात्मक उत्पीड़न (procedural harassment) का खतरा कम होगा।
बाजार के लिए क्या है संकेत?
हालांकि ये कदम कामकाज की गति को तेज करने के लिए हैं, लेकिन ट्रांजिशन पीरियड के दौरान कुछ समय के लिए अनिश्चितता बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे 7 अक्टूबर की बैठक के बाद Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नजर रखें। टैक्स चोरी रोकने और व्यापार करने में आसानी (ease of doing business) के बीच सरकार कैसे संतुलन बनाती है, यही आने वाले समय में बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल होगा।
