GST Council की बैठक आज, **7 अक्टूबर 2026** को हो रही है। इस मीटिंग में टैक्स रिफंड की प्रक्रिया को घटाकर **17 दिन** करने और रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह ऑटोमैटिक बनाने जैसे बड़े सुधारों पर चर्चा की जा रही है।
रिफंड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
GST Council की आज की बैठक का मुख्य एजेंडा टैक्स रिफंड के चक्र को छोटा करना है। वर्तमान में कंपनियों को रिफंड पाने में 21 से 45 दिन तक का समय लग जाता है, जिससे वर्किंग कैपिटल पर काफी दबाव पड़ता है। अब सरकार इसे घटाकर 17 दिन करने की योजना बना रही है, जिसमें 10 दिन ऑटोमैटिक एकनॉलेजमेंट और 7 दिन प्रोसेसिंग के लिए तय किए गए हैं।
ऑटोमेशन पर जोर
वर्तमान में लगभग 61% बिजनेस रजिस्ट्रेशन 3 दिन के भीतर प्रोसेस हो जाते हैं, लेकिन शेष 39% में अभी भी मैन्युअल इंटरवेंशन की जरूरत पड़ती है। सरकार की कोशिश इन बचे हुए मामलों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की है, जिससे नई कंपनियों को अपना काम शुरू करने में कम समय लगेगा।
ट्रस्ट-बेस्ड कंप्लायंस और इनपुट टैक्स क्रेडिट
काउंसिल फिजिकल वेरिफिकेशन की अनिवार्यता को खत्म करने पर भी विचार कर रही है। अगर कोई बिजनेस अपना टैक्स और रिटर्न समय पर फाइल करता है, तो रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन की प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो जाएगी। इसके अलावा, Input Tax Credit के दायरे को बढ़ाने की भी चर्चा है। इसमें लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस, व्हीकल लीजिंग और आउटडोर कैटरिंग जैसी सेवाओं को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे कंपनियों के ऑपरेटिंग कॉस्ट पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
