8 अक्टूबर, 2026 को होने वाली GST Council की बैठक में विदेशी शिपिंग कंपनियों के लिए टैक्स छूट पर बड़ा फैसला हो सकता है। यह कदम शिपिंग क्षेत्र में चल रहे **₹3,000 करोड़** के टैक्स विवादों को सुलझाने में मदद कर सकता है।
शिपिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। GST Council अपनी आगामी बैठक में विदेशी शिपिंग कंपनियों को बैकएंड एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट सेवाओं पर 18% IGST से छूट देने पर विचार कर सकती है।
क्या है विवाद?
वर्तमान में, भारतीय टैक्स अथॉरिटीज ग्लोबल हेडक्वार्टर द्वारा अपनी भारतीय शाखाओं को दी जाने वाली IT सपोर्ट और वेसल शेड्यूलिंग जैसी आंतरिक सेवाओं को 'आयातित सेवा' (Import of Services) मानती हैं। इस कारण DGGI ने 18 विदेशी शिपिंग लाइन्स को कुल ₹3,000 करोड़ से अधिक के टैक्स नोटिस जारी किए हैं। सरकार का यह प्रस्तावित कदम इस लंबी कानूनी खींचतान को खत्म कर सकता है।
अन्य अहम एजेंडा:
- Seamen’s Provident Fund Organisation (SPFO): इसके एडमिनिस्ट्रेटिव शुल्क पर लगने वाले 18% GST की समीक्षा होगी, जिससे नाविकों को आर्थिक लाभ मिल सके।
- नेवल हार्डवेयर: ऑटोनॉमस अंडरवॉटर प्लेटफॉर्म जैसे उपकरणों के लिए GST दरों को 8-डिजिट कस्टम टैरिफ कोड के साथ जोड़ा जाएगा। इससे 18% की जगह 5% की रियायती दर का लाभ मिल सकेगा।
निवेशकों के लिए इस बैठक के बाद आने वाले आधिकारिक सर्कुलर बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि वे तय करेंगे कि पिछली देनदारियों को किस तरह निपटाया जाएगा और लॉजिस्टिक सेक्टर के लिए रेगुलेटरी स्पष्टता कैसी होगी।
