GST Collection: सरकारी खजाने में बंपर कमाई, सितंबर में कलेक्शन पहुंचा **₹2.04 लाख करोड़**

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AuthorNeha Patil|Published at:
GST Collection: सरकारी खजाने में बंपर कमाई, सितंबर में कलेक्शन पहुंचा **₹2.04 लाख करोड़**

देश के GST कलेक्शन में जोरदार उछाल देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही में ग्रॉस GST कलेक्शन **₹12.46 लाख करोड़** तक पहुंच गया है, जो कि सालाना आधार पर **11.6%** की बड़ी बढ़ोतरी है।

भारत के टैक्स सिस्टम में हुए बड़े बदलावों का असर अब सरकारी आंकड़ों में साफ दिखने लगा है। सितंबर 2025 में लागू किए गए नए GST 2.0 स्ट्रक्चर, जिसमें टैक्स स्लैब को 5% और 18% के दो स्तरों पर सीमित किया गया था, उसका सीधा फायदा राजस्व में दिख रहा है।

सितंबर महीने का दमदार प्रदर्शन

सितंबर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रॉस GST कलेक्शन ₹2.04 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.7% अधिक है। यदि टैक्स रिफंड्स को घटाकर नेट रेवेन्यू की बात करें, तो यह आंकड़ा 18.1% उछलकर ₹1.77 लाख करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा हाथ इंपोर्ट-लिंक्ड GST का रहा, जिसमें अकेले 25.9% का भारी इजाफा दर्ज किया गया है।

फॉर्मल इकॉनमी में आया बदलाव

अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच के आंकड़ों के मुताबिक, टैक्सेबल सप्लाई (Taxable Supplies) में 25.8% का उछाल आया है। इसका साफ मतलब है कि सरल टैक्स ढांचे की वजह से छोटी कंपनियां और व्यापारी अब तेजी से फॉर्मल इकॉनमी (Formal Economy) का हिस्सा बन रहे हैं। इससे छोटे व्यापारियों पर टैक्स फाइलिंग का बोझ घटा है और उनकी वर्किंग कैपिटल की स्थिति बेहतर हुई है।

बाजार की नजर अब कहां?

भले ही आंकड़े मजबूत हों, लेकिन निवेशकों को अब ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों और करेंसी में हो रही हलचल पर नजर रखनी होगी। आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियां और खपत (Consumption) का ट्रेंड ही तय करेगा कि रेवेन्यू की यह रफ्तार आगे कितनी टिकाऊ रहती है। अक्टूबर में होने वाली GST काउंसिल की बैठक में टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन और नियमों को और सरल बनाने पर कोई भी बड़ा फैसला मार्केट के लिए अगला ट्रिगर साबित हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.