ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज सुस्ती देखी जा सकती है। अमेरिकी महंगाई की चिंता और विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है।
बाजार की सुस्त शुरुआत
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के आसार हैं, जिसके संकेत GIFT Nifty से मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में छाई बिकवाली के बीच निवेशक वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
अमेरिकी महंगाई का असर
बाजार में मौजूदा गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका में महंगाई के आंकड़े हैं। इसके चलते फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ब्याज दरों को लेकर फिर से अनिश्चितता बढ़ गई है। जब अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की तरफ भागते हैं, जिससे भारतीय रुपये और इमर्जिंग मार्केट्स पर दबाव बढ़ जाता है।
FIIs की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) इस साल लगातार भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। अब तक कुल आउटफ्लो $32.7 बिलियन के स्तर को पार कर चुका है। इसी बिकवाली के चलते BSE Sensex और NSE Nifty के लिए अपने पिछले निचले स्तरों से रिकवरी करना मुश्किल हो रहा है।
कच्चे तेल और सेक्टर का हाल
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इससे आयात महंगा होता है और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ता है। साथ ही, ग्लोबल लेवल पर टेक और सेमीकंडक्टर सेक्टर में दिख रही सुस्ती का असर भी भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ रहा है। निवेशक अब बाजार की मजबूती तलाशने के लिए Wipro जैसी कंपनियों के नतीजों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रुख पर नजर गड़ाए हुए हैं।
