मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार एक सीमित दायरे में शुरुआत के लिए तैयार हैं। GIFT Nifty में **77 अंकों** की बढ़त दिख रही है, लेकिन ब्रेंट क्रूड का **$106** प्रति बैरल के पार जाना और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की होने वाली बैठक से निवेशकों में चिंता का माहौल है।
छुट्टी के बाद आज भारतीय बाजारों में कारोबार की वापसी हो रही है। GIFT Nifty के आंकड़े 23,521 के स्तर पर खुलने का इशारा कर रहे हैं, जो पिछले क्लोजिंग से 77 अंक ऊपर है। हालांकि, शुरुआत भले ही पॉजिटिव हो, लेकिन ग्लोबल फ्रंट पर दो बड़ी चुनौतियां बाजार की रफ्तार थामे हुए हैं।
क्रूड ऑयल का बढ़ता दबाव
निवेशकों की सबसे बड़ी फिक्र ब्रेंट क्रूड की कीमतें हैं, जो उछलकर $106 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। मध्य पूर्व में एनर्जी पाइपलाइनों पर हुए हमलों के बाद सप्लाई को लेकर नया डर पैदा हो गया है। भारत के लिए यह एक बड़ी मुसीबत है, क्योंकि महंगा तेल न केवल महंगाई (Inflation) बढ़ाएगा, बल्कि रुपये पर दबाव और कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट में भी इजाफा करेगा।
Fed की मीटिंग पर नजर
आज से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक शुरू हो रही है। मार्केट को 90% उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। अगर ऐसा होता है, तो डॉलर मजबूत होगा और विदेशी निवेशक (FIIs) उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स की ओर रुख कर सकते हैं। पिछले चार सत्रों से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जो उनकी सतर्कता को साफ दर्शाता है।
टेक्निकल सेटअप क्या कहता है?
Nifty 50 के लिए 23,500 से 23,600 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर टिकता है, तो तेजी की उम्मीद है, लेकिन 23,200 के नीचे जाने पर बाजार में गिरावट का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल, निवेशकों की निगाहें फेड की कमेंट्री पर टिकी हैं कि आगे चलकर ब्याज दरों को लेकर उनका रुख क्या रहता है।
