भारतीय शेयर बाजार आज एक मजबूत शुरुआत के लिए तैयार है, क्योंकि GIFT Nifty में 170 अंकों का उछाल देखा गया है। यह तेजी वॉल स्ट्रीट की रिकॉर्ड-तोड़ रैली और कच्चे तेल की गिरती कीमतों के बीच आई है। निवेशकों का ध्यान अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत फैसले पर है, जहां ब्याज दरों में कोई बदलाव न होने की उम्मीद है।
ग्लोबल संकेतों से बाजार में जोश
भारतीय शेयर बाजार आज, बुधवार, 5 अगस्त 2026 को एक सकारात्मक शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं। GIFT Nifty फ्यूचर्स में लगभग 170 अंकों का इजाफा देखा जा रहा है। यह उम्मीद गैप-अप ओपनिंग की ओर इशारा कर रही है, जो मंगलवार को हुई कुछ मुनाफावसूली (Profit-taking) के बाद आई है। पिछले कारोबारी सत्र में Nifty 50, 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,614.90 पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों का इस पॉजिटिव माहौल पर बड़ा असर है। अमेरिका के शेयर सूचकांक (Indices) नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे हैं, और एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई है। इस तेजी का एक मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संभावित राजनयिक डील की उम्मीदों ने सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को कम किया है, जिससे बाजार की धारणा को बल मिला है और महंगाई का दबाव कम हुआ है।
RBI पॉलिसी और महंगाई पर नजर
आज का मुख्य घरेलू फोकस भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) का फैसला है। तीन दिवसीय बैठक के बाद, केंद्रीय बैंक आज ब्याज दरों पर अपना रुख घोषित करेगा। ज्यादातर बाजार विश्लेषक और अर्थशास्त्री उम्मीद कर रहे हैं कि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रहेगा। हालांकि यह यथास्थिति (Status quo) अपेक्षित है, निवेशक RBI गवर्नर की लिक्विडिटी, आर्थिक विकास और महंगाई के अनुमानों पर की गई टिप्पणियों को ध्यान से सुनेंगे। जून में खुदरा महंगाई दर 4.38% थी, जो कि केंद्रीय बैंक के लक्ष्य दायरे में रहने के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है।
मंगलवार को बिकवाली के बावजूद, व्यापक बाजार के रुझान में मजबूती बनी हुई है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार छह सत्रों से खरीदारी कर रहे हैं, जो बाजार के लिए एक सपोर्ट का काम कर रहे हैं। जैसे-जैसे बाजार आगामी नीतिगत घोषणा को पचा रहा है, निवेशक टेक्निकल लेवल्स पर भी ध्यान दे रहे हैं। Nifty को 24,300-24,400 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 24,600 के ऊपर लगातार मजबूती आगे की तेजी का संकेत दे सकती है। दिन के बाकी समय के लिए मुख्य आकर्षण केंद्रीय बैंक का भविष्योन्मुखी मार्गदर्शन (Forward-looking guidance) होगा, जो अक्सर दर के फैसले से ज्यादा बाजार की दिशा तय करता है।
