Indian IT Sector: AI से बड़ा खतरा मंडरा रहा है! Morgan Stanley की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian IT Sector: AI से बड़ा खतरा मंडरा रहा है! Morgan Stanley की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

Morgan Stanley की नई रिसर्च में एक बड़ा खुलासा हुआ है। भारतीय IT सेक्टर के लिए AI से कहीं ज्यादा खतरा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के तेजी से बढ़ते विस्तार से है, जो ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल की नींव हिला सकता है।

मार्केट में आजकल हर तरफ चर्चा है कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय टेक्नोलॉजी सेक्टर को बर्बाद कर देगा। लेकिन, Morgan Stanley के मुताबिक, बड़ी IT कंपनियों के फाइनेंशियल रिजल्ट्स में अभी तक AI से किसी बड़े नुकसान के सबूत नहीं मिले हैं। इसके बजाय, Global Capability Centres (GCCs) का उदय इंडस्ट्री के लिए कहीं ज्यादा बड़ा और तत्काल खतरा बन चुका है।

क्या है GCC का खतरा?

GCCs वे हब हैं जिन्हें मल्टीनेशनल कंपनियां भारत में अपने टेक्नोलॉजी, रिसर्च और सपोर्ट ऑपरेशन को संभालने के लिए खुद सेट-अप कर रही हैं। पहले यही कंपनियां अपना काम भारतीय IT वेंडर्स को आउटसोर्स करती थीं। अब इन सेंटर्स को शुरू करना बहुत आसान हो गया है, जिससे कंपनियां अब सीधे अपने ही अंदरूनी सेंटर्स में काम कर रही हैं। यह मॉडल पारंपरिक थर्ड-पार्टी IT वेंडर को बायपास कर रहा है, जिससे हाई-वैल्यू वाला काम अब सर्विस मार्केट से बाहर हो रहा है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

Morgan Stanley India के मैनेजिंग डायरेक्टर, रिधम देसाई का कहना है कि टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में मौजूदा हलचल मुख्य रूप से काल्पनिक डर की वजह से है, न कि कोर रेवेन्यू मॉडल में बदलाव के कारण। अब तक कंपनियों की तिमाही रिपोर्ट्स में AI की वजह से रेवेन्यू में कोई बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। वहीं, 3P Investment Managers के प्रशांत जैन का मानना है कि IT सेक्टर करीब 70 लाख लोगों को रोजगार देता है, जो भारत के कुल लेबर मार्केट का एक छोटा हिस्सा है। अगर AI से नौकरियां कम भी होती हैं, तो भी इसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर सीमित ही रहेगा।

निवेशकों के लिए क्या है बड़ी चुनौती?

अब असली सवाल यह है कि क्या IT कंपनियां अपनी 'प्राइसिंग पावर' बनाए रख पाएंगी? जैसे-जैसे GCC मॉडल मिड-साइज कंपनियों के लिए आसान होता जा रहा है, भारतीय IT वेंडर्स के लिए मुकाबला कठिन होता जा रहा है। आने वाले समय में कंपनियों के रिजल्ट्स और क्लाइंट स्पेंडिंग पर मैनेजमेंट की कमेंट्री ही यह तय करेगी कि क्या यह स्ट्रक्चरल बदलाव IT सेक्टर की ग्रोथ को वाकई धीमा कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.