France का बड़ा प्रस्ताव: Google जैसे दिग्गजों पर लगने वाले जुर्माने से भरा जाएगा EU का खजाना

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AuthorAditya Rao|Published at:
France का बड़ा प्रस्ताव: Google जैसे दिग्गजों पर लगने वाले जुर्माने से भरा जाएगा EU का खजाना

फ्रांस ने प्रस्ताव दिया है कि Google जैसी कंपनियों पर लगने वाले एंटी-ट्रस्ट जुर्माने की राशि का इस्तेमाल EU के सदस्य देशों के बजट योगदान को कम करने के लिए किया जाए। यह कदम 2028-2034 के फिस्कल फ्रेमवर्क पर चल रही चर्चा के बीच आया है।

फ्रांस की सरकार ने यूरोपियन यूनियन (EU) में एक अहम बदलाव का प्रस्ताव रखा है। यूरोप मिनिस्टर बेंजामिन हदाद का मानना है कि जो भारी-भरकम जुर्माना एंटी-ट्रस्ट मामलों में वसूला जाता है, उसे अब सदस्य देशों के अनिवार्य बजट योगदान को घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे उन सरकारों को बड़ी राहत मिल सकती है जो घरेलू खर्च और क्षेत्रीय दायित्वों के बीच तालमेल बिठाने में जूझ रही हैं।

बजट का दबाव और फिस्कल चुनौतियां

यह प्रस्ताव EU के 2028-2034 के बजट के लिए हो रही बातचीत के बीच आया है। यूरोपियन कमीशन ने कुल €2 ट्रिलियन के फ्रेमवर्क का सुझाव दिया है, जो ब्लॉक के कुल आर्थिक आउटपुट का 1.26% है। इस योजना में महामारी के बाद के रिकवरी फंड के कर्ज को चुकाने के लिए €168 बिलियन का आवंटन भी शामिल है। फ्रांस इस फंड का उपयोग करके राजकोषीय दबाव को कम करने की कोशिश कर रहा है।

बिग टेक कंपनियों के लिए रेगुलेटरी रिस्क

यह खबर टेक सेक्टर के निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। Google (Alphabet की सब्सिडरी) पिछले दो दशकों में यूरोपियन रेगुलेटर्स के निशाने पर रही है, जिस पर कुल €10.38 बिलियन का जुर्माना लगाया गया है। हाल ही में इस साल उसे €890 मिलियन का जुर्माना भी भरना पड़ा था। फिलहाल, ये जुर्माने EU के सामान्य राजस्व में जाते हैं, लेकिन फ्रांस चाहता है कि इसे सदस्य देशों के खातों में सीधे क्रेडिट किया जाए। यदि यह नीति लागू होती है, तो यूरोप में एंटी-ट्रस्ट कार्रवाई केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक राजकोषीय उपकरण (Fiscal Tool) के रूप में भी देखी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.