फ्रांस का पब्लिक डेट रिकॉर्ड **3.596 ट्रिलियन यूरो** तक पहुंच गया है, जो देश की कुल इकोनॉमी का **119%** है। साल 2027 के चुनाव और कड़े फैसलों को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
फ्रांस के सामने इस समय एक बड़ी आर्थिक चुनौती खड़ी है। महामारी के दौरान भारी सरकारी खर्च और ऊर्जा संकट के कारण देश का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। अब स्थिति यह है कि देश का कुल कर्ज 3.596 ट्रिलियन यूरो के ऐतिहासिक स्तर को छू चुका है।
बजट कटौती की चुनौती
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू (Sébastien Lecornu) ने 2027 के बजट में 54 बिलियन यूरो की कटौती का प्रस्ताव रखा है। इसका मुख्य लक्ष्य बजट घाटे को 5.4% पर लाना है, लेकिन राजनीतिक विरोध के चलते यह राह आसान नहीं दिख रही है। कुछ कट्टरपंथी नेताओं द्वारा सरकारी बॉन्ड्स को रद्द करने के सुझावों ने मार्केट में हलचल मचा दी है।
ECB की चेतावनी
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड (Christine Lagarde) ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कर्ज रद्द करना न केवल यूरोपीय संघ के नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी पूरी तरह खत्म कर देगा। अगर ऐसा होता है, तो फ्रांस के लिए भविष्य में कर्ज लेना और महंगा हो जाएगा।
मार्केट का हाल
वित्तीय बाजार में इसका असर साफ दिखने लगा है। फ्रांस और जर्मनी के सरकारी बॉन्ड्स के बीच का ब्याज अंतर (Borrowing Premium) बढ़कर 120 बेसिस पॉइंट्स के करीब पहुंच गया है, जो 2012 के बाद का उच्चतम स्तर है। यह स्प्रेड साफ संकेत है कि निवेशक फ्रांस को अब पहले से अधिक रिस्की मान रहे हैं। आने वाले दिनों में रेटिंग एजेंसियों की टिप्पणी और बजट पर बहस निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगी।
