Foreign Investors: अगस्त में विदेशी निवेशकों की दमदार वापसी, डाले **₹30,919 करोड़**, फिर भी साल भर में बिकवाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Foreign Investors: अगस्त में विदेशी निवेशकों की दमदार वापसी, डाले **₹30,919 करोड़**, फिर भी साल भर में बिकवाल

अगस्त महीने में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार में **₹30,919 करोड़** का निवेश किया है, जो पिछले **23 महीनों** का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हालांकि, साल 2026 की शुरुआत को देखें तो अभी भी वे कुल **₹2.23 लाख करोड़** की बिकवाली के साथ नेट सेलर बने हुए हैं।

बाजार में लौटी रौनक

लगातार दूसरे महीने विदेशी निवेशकों का रुख पॉजिटिव रहा है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, अगस्त में FPIs ने भारतीय शेयरों में जबरदस्त पैसा झोंका है। यह तेजी इस साल की शुरुआत में हुई भारी बिकवाली के बाद निवेशकों के बदलते सेंटीमेंट्स को दर्शाती है।

क्यों आई यह तेजी?

इस वापसी की सबसे बड़ी वजह भारतीय कंपनियों के शानदार नतीजे हैं। जून तिमाही में Nifty 50 की कंपनियों ने 18% का प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया है, जो पिछले 10 क्वार्टर्स में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। निवेशकों का खास जोर बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर बना हुआ है, जो देश में बढ़ती क्रेडिट डिमांड और ऑटोमोबाइल सेल्स का संकेत है।

अभी भी सतर्क रहने की क्यों है जरूरत?

बाजार का उत्साह तो दिख रहा है, लेकिन रिस्क अभी भी बना हुआ है। साल 2026 में अब तक FPIs ने ₹2.23 लाख करोड़ बाहर निकाले हैं, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि ट्रेंड पूरी तरह बदल गया है।

इसके अलावा, बाजार के सामने 3 बड़े खतरे हैं:

  1. US Federal Reserve: ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के फैसलों पर दुनिया भर के बाजारों की नजर है।
  2. वैल्यूएशन: भारतीय बाजार के ऊंचे वैल्यूएशन के कारण ग्लोबल मार्केट में किसी भी हलचल का असर यहां तुरंत देखा जा रहा है।
  3. क्रूड ऑयल: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता है, जो रुपये की चाल और इंपोर्ट करने वाली कंपनियों के मुनाफे पर सीधा असर डाल सकती है।

फिलहाल, बाजार की यह चाल आगे भी बनी रहेगी या नहीं, यह कंपनी के नतीजों और ग्लोबल इकोनॉमिक संकेतों के तालमेल पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.