Indian Stock Market: विदेशी निवेशकों की वापसी, लेकिन AI की कमी बनी चिंता का विषय

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Stock Market: विदेशी निवेशकों की वापसी, लेकिन AI की कमी बनी चिंता का विषय

साल 2026 की शुरुआत में बड़ी बिकवाली के बाद, अब विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में फिर से दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स इसे लंबे समय का निवेश मानने के बजाय एक 'टैक्टिकल' कदम मान रहे हैं क्योंकि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों की कमी है, जो ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों को फायदा पहुंचा रही है।

जुलाई और अगस्त 2026 में वैश्विक निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी वापसी की शुरुआत की है, जो साल की शुरुआत में हुई भारी बिकवाली के बाद एक बड़ा बदलाव है। इस साल अब तक लगभग ₹2.23 लाख करोड़ से ₹2.4 लाख करोड़ की निकासी के बाद, अब खरीदारी का यह सिलसिला Nifty 50 और BSE Sensex को सहारा दे रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह लंबे समय का भरोसा नहीं, बल्कि केवल एक छोटी अवधि की रणनीति है।

AI का तड़का मिसिंग है

निवेशकों की चिंता के पीछे सबसे बड़ी वजह 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' है। ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों को ग्लोबल AI हार्डवेयर बूम का सीधा फायदा मिल रहा है। इसके उलट, ग्लोबल फंड मैनेजर्स भारत को इस रेस में पीछे मान रहे हैं। Shikhara Investment Management के राहुल चड्ढा के अनुसार, ग्लोबल कैपिटल उन बाजारों की ओर भाग रहा है जो AI ग्रोथ साइकिल से सीधे जुड़े हैं। Bank of America की अगस्त 2026 की सर्वे रिपोर्ट में भी भारत को एशिया का 'Least-preferred' मार्केट बताया गया है, जहां 32% फंड मैनेजर्स का भरोसा भारत पर कम है।

रोजगार और सेवाओं पर खतरा

निवेशकों को डर है कि AI का उदय भारत के उस ग्रोथ मॉडल को बिगाड़ सकता है, जो IT और सर्विस सेक्टर पर आधारित है। यदि ऑटोमेशन के कारण एंट्री-लेवल नौकरियां कम होती हैं, तो यह भारत के आर्थिक भविष्य और मिडिल-क्लास की खपत पर बुरा असर डाल सकता है।

वैल्यूएशन और रिस्क

भारतीय शेयरों का हाई वैल्यूएशन भी एक बड़ी चुनौती है। वैश्विक अनिश्चितता और $90 प्रति बैरल के आसपास कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें भारतीय बाजार को अस्थिर बना रही हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि भारतीय कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल में AI को कैसे अपनाती हैं और क्या आने वाले नतीजों में कंपनियां इसे लेकर कोई ठोस योजना पेश करती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.