Fitch Ratings ने आगाह किया है कि अगर AI शेयरों की मौजूदा तेजी अचानक खत्म होती है, तो साल 2027 तक अमेरिका में मंदी का खतरा पैदा हो सकता है। यह स्थिति ग्लोबल ग्रोथ और भारतीय निवेशकों के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है।
बाजार पर क्या होगा असर?
Fitch Ratings ने अपनी रिपोर्ट में एक 'हाइपोथेटिकल स्ट्रेस टेस्ट' जारी किया है। एजेंसी का मानना है कि अगर AI-आधारित शेयरों का वैल्यूएशन अचानक गिरता है, तो अमेरिकी इक्विटी मार्केट में 35% तक की गिरावट आ सकती है, जबकि ग्लोबल मार्केट्स में 15% की गिरावट देखने को मिल सकती है। इस हालात में 2027 तक अमेरिकी GDP में 0.6% का संकुचन (contraction) आने की संभावना है।
भारतीय IT सेक्टर के लिए रिस्क
भारतीय निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि देश की बड़ी IT कंपनियां अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिकी क्लाइंट्स से प्राप्त करती हैं। यदि वहां की कंपनियां AI बजट में कटौती करती हैं, तो भारतीय IT फर्मों के मार्जिन और ग्रोथ पर सीधा दबाव पड़ेगा। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में तनाव बढ़ने पर विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अक्सर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (volatility) आ सकता है।
फेडरल रिजर्व और भविष्य का आउटलुक
एजेंसी का कहना है कि ऐसी स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी सेंट्रल बैंक, यानी US Federal Reserve को आक्रामक रुख अपनाना पड़ेगा और ब्याज दरों में 325 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करनी पड़ सकती है। हालांकि, मौजूदा समय के लिए Fitch ने ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान 2.6% रखा है। निवेशकों को फिलहाल यह ट्रैक करना चाहिए कि अमेरिकी कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना खर्च जारी रखती हैं या नहीं, क्योंकि यही ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन है।
