Indian Economy: Fitch ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, अब **6.9%** तक रहेगी रफ्तार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Economy: Fitch ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, अब **6.9%** तक रहेगी रफ्तार

Fitch Ratings ने भारत की FY27 GDP ग्रोथ का अनुमान **6.4%** से बढ़ाकर **6.9%** कर दिया है। हालांकि, एजेंसी ने बढ़ती महंगाई और मानसून के चलते ग्रामीण मांग पर चिंता जताई है। अब निवेशकों की नजरें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की अक्टूबर बैठक पर टिकी हैं, जहां **25 बेसिस पॉइंट** की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद है।

ग्रोथ की रफ्तार और मजबूती

Fitch Ratings ने चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का अनुमान अब 6.9% कर दिया है। यह पहले के 6.4% के अनुमान से बेहतर है, जो साबित करता है कि अमेरिकी-ईरान तनाव जैसे ग्लोबल संकटों के बावजूद भारतीय इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है। साल की पहली तिमाही में भारत ने 8.6% की जोरदार सालाना ग्रोथ दर्ज की थी, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा रही।

महंगाई का दबाव और RBI का रुख

विकास दर के अच्छे आंकड़ों के बीच महंगाई एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। अगस्त तक हेडलाइन इन्फ्लेशन 4.8% पहुंच गई है, जो दिसंबर 2025 में सिर्फ 1.2% थी। वहीं, कोर इन्फ्लेशन भी 4.2% के स्तर पर है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आम आदमी की जेब पर असर डाल रहा है।

इन्हीं दबावों को देखते हुए Fitch का मानना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अक्टूबर में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे दरें 5.5% तक पहुंच जाएंगी। इसके बाद 2027 की शुरुआत में ये 5.75% तक भी जा सकती हैं। ब्याज दरें बढ़ने का मतलब है कि कंपनियों के लिए लोन लेना महंगा होगा, जिसका असर उनके प्रॉफिट और कैपिटल स्पेंडिंग पर पड़ सकता है।

सेक्टर का हाल और आगे की राह

प्राइवेट इन्वेस्टमेंट अभी भी 10% से ज्यादा की ग्रोथ के साथ मजबूत बना हुआ है। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI डेटा में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। साथ ही, कम बारिश की वजह से खेती पर दबाव है, जिसका असर भविष्य में ग्रामीण इलाकों की मांग पर दिख सकता है। FY28 और FY29 में ग्रोथ के 6.5% पर स्थिर रहने का अनुमान है। निवेशकों के लिए अब आरबीआई की अगली पॉलिसी और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखना जरूरी होगा, ताकि यह पता चल सके कि बढ़ती दरों का क्रेडिट डिमांड पर क्या असर पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.