Fitch Ratings की चेतावनी: AI पर बेतहाशा खर्च और 2027 तक बाजार के लिए बड़े खतरे

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Fitch Ratings की चेतावनी: AI पर बेतहाशा खर्च और 2027 तक बाजार के लिए बड़े खतरे

Fitch Ratings ने आगाह किया है कि टेक कंपनियों का AI पर भारी निवेश अब क्रेडिट रिस्क बन रहा है। वहीं, अमेरिका की ऊंची ब्याज दरें और एनर्जी सप्लाई में बाधाएं 2027 तक ग्लोबल मार्केट को अस्थिर कर सकती हैं, जिसका असर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स पर भी पड़ेगा।

AI पर बढ़ता खर्च और क्रेडिट रिस्क

Fitch Ratings ने 2027 के लिए एक चिंताजनक आउटलुक जारी किया है। टेक कंपनियों ने सालों से AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए भारी कर्ज लिया है, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस निवेश से होने वाली कमाई उसकी लागत को सही साबित कर पाएगी। अगर AI बिजनेस मॉडल फेल होते हैं, तो इन कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव आ सकता है। भारतीय निवेशकों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की कई IT कंपनियां इन ग्लोबल टेक जायंट्स की पार्टनर हैं। अगर क्लाइंट्स अपना खर्च घटाते हैं, तो भारतीय IT सेक्टर की ग्रोथ धीमी हो सकती है।

US बॉन्ड यील्ड का असर

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी रेट्स 2027 तक 4.25% के आसपास बने रहने की संभावना है। जब US ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड हाई रहती है, तो ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले अमेरिकी डेट ज्यादा सुरक्षित विकल्प बन जाता है। इस कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार में लिक्विडिटी कम हो सकती है और उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं।

जियोपॉलिटिकल और एनर्जी संकट

तीसरा बड़ा खतरा 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में सप्लाई चेन को लेकर है। भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है, और अगर वहां तनाव के कारण सप्लाई रुकती है, तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा, रुपया कमजोर होगा और घरेलू महंगाई पर दबाव पड़ेगा, जिससे RBI के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.