वित्त मंत्रालय ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों को स्थिर रखने का ऐलान किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है जब दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे निवेशकों को निवेश की प्लानिंग में बड़ी राहत मिली है।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने 30 सितंबर, 2026 को जारी अपने आधिकारिक ज्ञापन में यह स्पष्ट कर दिया है कि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स के लिए ब्याज दरें फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की तीसरी तिमाही में जस की तस बनी रहेंगी। यह नई दरें 1 अक्टूबर, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगी।
प्रमुख स्कीम्स की ब्याज दरें:
सरकार के इस फैसले से रिटेल निवेशकों को निवेश की सुरक्षा और निश्चिंतता मिली है। मौजूदा दरों के हिसाब से:
- Public Provident Fund (PPF): 7.1%
- Senior Citizens Savings Scheme: 8.2%
- Sukanya Samriddhi Yojana: 8.2%
- National Savings Certificate (NSC): 7.7%
स्थिरता क्यों जरूरी है?
आमतौर पर जब सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है, तो स्मॉल सेविंग्स की दरों को बाजार के हिसाब से एडजस्ट करने का दबाव होता है। हालांकि, सरकार ने बार-बार होने वाले बदलावों के बजाय नीतिगत स्थिरता (Policy Stability) को प्राथमिकता दी है। उन निवेशकों के लिए जो बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं, यह एक बेहतरीन विकल्प बना हुआ है।
महंगाई का असर
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हालांकि ये दरें सुरक्षित हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई के दौर में 'रियल रिटर्न' पर असर पड़ सकता है। यदि महंगाई दर ब्याज दरों से ऊपर जाती है, तो वास्तविक रिटर्न कम हो जाता है। आने वाले समय में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति और महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही कारक भविष्य में सरकार के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
