Festive Sales: स्मार्टफोन महंगे होने से बिगड़ा ग्राहकों का बजट, डिस्काउंट सीजन में भी सावधानी

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Festive Sales: स्मार्टफोन महंगे होने से बिगड़ा ग्राहकों का बजट, डिस्काउंट सीजन में भी सावधानी

फेस्टिव सीजन की ऑनलाइन सेल में कंज्यूमर बिहेवियर बदल रहा है। महंगाई और इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती कीमतों के चलते औसत ऑर्डर वैल्यू में **7-8%** की गिरावट आई है, जबकि नो-कॉस्ट EMI का इस्तेमाल बढ़कर **50%** पहुंच गया है।

त्योहारी सीजन में शॉपिंग का ट्रेंड इस बार बदला हुआ नजर आ रहा है। डेटा के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले औसत ऑर्डर वैल्यू (Average Order Value) में 7-8% की कमी आई है। इसकी मुख्य वजह स्मार्टफोन्स की कीमतों में हुआ 15% का इजाफा है, जिसने खरीदारों की जेब पर सीधा असर डाला है।

EMI पर बढ़ता भरोसा

महंगाई का सामना करने के लिए ग्राहकों ने खरीदारी का तरीका बदल लिया है। Amazon India जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, नो-कॉस्ट EMI (No-cost EMI) का चलन 30% से उछलकर 50% पर पहुंच गया है। लोग महंगे गैजेट्स और अप्लायंसेज खरीदने के लिए अब नकद के बजाय क्रेडिट का सहारा ले रहे हैं।

'वैल्यू कॉमर्स' की ओर झुकाव

मार्केट में प्रीमियम प्रोडक्ट्स के बजाय अब सस्ते सामान की मांग बढ़ रही है। ₹500 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स का कुल सेल्स वॉल्यूम में हिस्सा लगभग 50% हो गया है। यह साफ दर्शाता है कि बढ़ती महंगाई ने ग्राहकों को बजट-फ्रेंडली विकल्पों की तरफ धकेला है।

निवेशकों के लिए संकेत

यह ट्रेंड कंज्यूमर सेक्टर के निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संदेश है। जहां क्रेडिट-बेस्ड खरीदारी वॉल्यूम को सपोर्ट कर सकती है, वहीं दूसरी ओर कर्ज पर निर्भरता बढ़ने से फाइनेंशियल फर्म्स के लिए एसेट क्वालिटी का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा, टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे 60-65% ऑर्डर यह बताते हैं कि इंटरनेट की पहुंच के साथ बाजार अब अधिक 'प्राइस-कॉन्शियस' हो गया है। आने वाले हफ्तों में रिटेलर्स के प्रॉफिट मार्जिन और बैड लोंस पर नजर रखना जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.