Festive Hiring: त्योहारी सीजन में हायरिंग **15%** बढ़ी, लेकिन क्या आपकी सैलरी पर पड़ेगा असर?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Festive Hiring: त्योहारी सीजन में हायरिंग **15%** बढ़ी, लेकिन क्या आपकी सैलरी पर पड़ेगा असर?

ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने फेस्टिव सीजन के लिए हायरिंग में **15%** का इजाफा किया है। ग्रामीण इलाकों से आए श्रमिकों की भारी उपलब्धता के कारण मजदूरी स्थिर बनी हुई है और बोनस मिलने की उम्मीदें भी सीमित दिख रही हैं।

फेस्टिव सीजन की डिमांड को पूरा करने के लिए ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियां बड़े पैमाने पर भर्तियां कर रही हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार हायरिंग में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Flipkart ने 2,50,000 और Amazon India ने 1,60,000 से ज्यादा अस्थायी पद (seasonal roles) सृजित किए हैं।

लेबर मार्केट में आया बदलाव

इस साल ग्रामीण भारत में कम बारिश और सूखे जैसे हालातों के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार की तलाश में शहरों की ओर आए हैं। इस कारण कंपनियों के पास लेबर की कमी नहीं है, जिससे वे पुरानी दरों पर ही लोगों को काम पर रख रही हैं। फिलहाल, पिकिंग, पैकिंग और डिलीवरी जैसे कामों के लिए वेतन ₹20,000 से ₹50,000 प्रति माह (इंसेंटिव्स के साथ) के दायरे में है।

रिटेल इन्फ्लेशन और डिमांड का संकट

कंपनियां भले ही अपना खर्च कंट्रोल कर रही हों, लेकिन बड़े फाइनेंशियल आउटलुक पर दबाव बना हुआ है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अनुसार रिटेल इन्फ्लेशन 6% के करीब बनी हुई है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है। पहले GST बदलावों के कारण गाड़ियों और अप्लायंसेज की बिक्री में तेजी दिखी थी, लेकिन अब वह रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

अस्थायी कर्मचारियों का बोनस सीधे सेल्स टारगेट से जुड़ा होता है। अगर दिवाली के दौरान डिमांड उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो मार्जिन बचाने के लिए कंपनियां बोनस में कटौती कर सकती हैं। इन्वेस्टर्स को नवंबर के अंत तक सेल्स डेटा पर बारीक नजर रखनी चाहिए, क्योंकि स्टाफिंग कंपनियों का भविष्य इसी बात पर टिका है कि वे बढ़ती महंगाई के दौर में अपने ऑपरेशंस को कैसे संभालती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.