Federal Reserve की गवर्नर Lisa Cook ने चेतावनी दी है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से हो रहे विस्तार के कारण सप्लाई चेन में कमी आ रही है, जो **2027** तक महंगाई को बढ़ा सकती है।
महंगाई का नया संकट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में निवेश तो खूब हो रहा है, लेकिन Federal Reserve की गवर्नर Lisa Cook का मानना है कि यह निवेश फिलहाल महंगाई को कम करने के बजाय उसे और हवा दे रहा है। हालांकि लंबे समय में AI प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकता है, लेकिन फिलहाल इसका 'बिल्ड-आउट' फेज संसाधनों के लिए कड़ी चुनौती बन गया है।
क्यों बढ़ रही है मुश्किल?
आमतौर पर सेंट्रल बैंक सप्लाई की कमी को अस्थायी मानते हैं, लेकिन AI डेटा सेंटर्स के लिए जिस तरह बिजली, पानी और स्किल्ड लेबर की मांग बढ़ रही है, वह चिंताजनक है। बीते एक साल में यूटिलिटी कॉस्ट में करीब 5% का इजाफा हुआ है। यह महंगाई का एक ऐसा नया रूप है जो सीधे तौर पर इकोनॉमिक प्राइस लेवल्स को प्रभावित कर रहा है।
2% के लक्ष्य पर संकट
अगस्त 2026 तक महंगाई दर 3.4% पर बनी हुई है, जो फेड के 2% के लक्ष्य से काफी दूर है। इन्ही दबावों को देखते हुए Federal Open Market Committee ने हाल ही में ब्याज दरों में एक चौथाई पॉइंट की बढ़ोतरी की है। अगर AI इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण पैदा हुई यह रुकावट जारी रहती है, तो महंगाई को काबू में लाने का सफर काफी लंबा हो सकता है।
निवेशकों के लिए टेकअवे
निवेशकों को यह समझना होगा कि AI के कारण चीजों के सस्ता होने का जो वादा था, वह फिलहाल टलता दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच फेड का रुख 'Higher for Longer' (ब्याज दरों का लंबे समय तक ऊंचे रहना) की ओर झुकता नजर आ रहा है। अब नजरें अगली महंगाई के आंकड़ों और फेड की टिप्पणियों पर होंगी कि क्या कंपनियां बढ़ती लागत को अपनी कार्यक्षमता सुधारकर मैनेज कर पाएंगी या नहीं।
