US फेड की ब्याज दरों में 2027 तक कोई बदलाव नहीं? जापान सितंबर में कर सकता है Hike!

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
US फेड की ब्याज दरों में 2027 तक कोई बदलाव नहीं? जापान सितंबर में कर सकता है Hike!

दुनियाभर की ब्याज दरों (Interest Rates) को लेकर बड़ी खबर आई है। ING के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) नौकरी की सुस्त रफ्तार के चलते 2027 तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। वहीं, जापान की ओर से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत मिल रहा है, क्योंकि वहां थोक महंगाई **7.2%** पर पहुंच गई है और येन की कीमत डॉलर के मुकाबले **160** के करीब बनी हुई है।

अमेरिका में दरें क्यों रहेंगी स्थिर?

ING के चीफ इंटरनेशनल इकोनॉमिस्ट जेम्स नाइटली के मुताबिक, अमेरिका में नौकरी के आंकड़ों में आई नरमी और महंगाई के उम्मीद के मुताबिक बने रहने के संकेतों के बाद फेडरल रिजर्व 2027 तक ब्याज दरों को यथावत रख सकता है। फिलहाल, अमेरिका में और सख्ती की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

जापान पर रेट Hike का दबाव

दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (BOJ) पर अपनी मौद्रिक नीति में बदलाव का दबाव बढ़ रहा है। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ओर इशारा किया है। जुलाई में थोक महंगाई का 7.2% पर बना रहना और जापानी येन का लगातार कमजोर होना इस फैसले की तात्कालिकता को बढ़ा रहा है। हाल ही में अमेरिका और जापान के अधिकारियों द्वारा येन को संभालने के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद, येन का 160 प्रति डॉलर का स्तर इसे छूना, आयातित लागतों के जापानी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।

Carry Trade पर क्या होगा असर?

निवेशकों के लिए, इन अलग-अलग नीतियों से 'येन कैरी ट्रेड' (Yen Carry Trade) पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। इतिहास गवाह है कि जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने दुनिया भर के निवेशकों को येन में उधार लेकर कहीं और ज्यादा रिटर्न देने वाली संपत्तियों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। लेकिन, जापान में ब्याज दरों में वृद्धि से इन कैरी ट्रेड्स का उलटफेर (Unwinding) शुरू हो सकता है। इस प्रक्रिया में, निवेशक येन में लिए गए अपने कर्ज को चुकाने के लिए अन्य संपत्तियों को बेचेंगे, जिससे वैश्विक बाजारों में अचानक लिक्विडिटी (Liquidity) में कमी और अस्थिरता बढ़ सकती है।

आगे क्या?

वैश्विक वित्तीय प्रवाह के लिए येन की स्थिरता एक महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है। अगर बैंक ऑफ जापान रेट Hike का फैसला लेता है, तो येन उधार लेने की लागत बढ़ सकती है, जिससे उन पूंजी प्रवाह का स्वरूप बदल जाएगा जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च रिटर्न की तलाश में थे। बाजार के भागीदार अब अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों और बैंक ऑफ जापान की सितंबर की नीतिगत बैठक के नतीजों पर पैनी नजर रखेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिकी नौकरी के आंकड़े मंदी का संकेत देना जारी रखते हैं और टोक्यो से मिले संकेतों पर येन कैसी प्रतिक्रिया देता है, क्योंकि ये कारक आने वाले महीनों में वैश्विक लिक्विडिटी और मुद्रा स्थिरता की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.