FSSAI प्रमुख G. Kamala Vardhana Rao ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe के आक्रामक फूड सेफ्टी अभियान का समर्थन किया है। मई 2026 से अब तक **3,000** से ज्यादा इंस्पेक्शन और **165** लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं, जो पूरे देश में सख्त अनुपालन (Compliance) के संकेत हैं।
FSSAI द्वारा महाराष्ट्र FDA के इस अभियान का खुलकर समर्थन करना इस बात का संकेत है कि देश भर में फूड रेगुलेशन का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। G. Kamala Vardhana Rao ने स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र का यह 'ऑन-ग्राउंड' मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए एक ब्लूप्रिंट (Blueprint) होगा।
कार्रवाई का बड़ा दायरा
महज कुछ महीनों में 3,000 से अधिक इंस्पेक्शन किए गए हैं। इसका असर सिर्फ बड़े रेस्टोरेंट चेन ही नहीं, बल्कि क्विक-कॉमर्स हब और डेयरी सप्लायर्स पर भी पड़ा है। 165 लाइसेंस सस्पेंशन और 760 से अधिक सुधार नोटिस (Improvement Notices) ने मार्केट में हलचल मचा दी है।
बिजनेस ऑपरेशंस और कॉस्ट पर असर
फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। कंपनियों को अब हाइजीन स्टैंडर्ड्स बनाए रखने के लिए भारी खर्च करना पड़ रहा है। इसमें एक्सटर्नल ऑडिटर्स की फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और सख्त सप्लाई चेन मॉनिटरिंग शामिल है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनियां इन बढ़ते खर्चों का बोझ कैसे मैनेज करती हैं, क्योंकि किसी भी आउटलेट का लाइसेंस सस्पेंड होना सीधे तौर पर रेवेन्यू को ठप कर सकता है।
कानूनी चुनौतियां और अनिश्चितता
इस आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ कुछ मामलों में Bombay High Court ने दखल भी दिया है और FDA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने पूछा है कि क्या ये कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप है। फिलहाल, डेयरी और रिटेल सेक्टर से जुड़े निवेशकों को यह सतर्क रहना होगा कि कहीं ये रेगुलेटरी बदलाव मार्जिन पर चोट न करें।
