Indian Equities: FPIs की भारी बिकवाली! सितंबर में निकाले **₹20,974 करोड़**

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Equities: FPIs की भारी बिकवाली! सितंबर में निकाले **₹20,974 करोड़**

सितंबर महीने में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजारों से मुंह मोड़ लिया है। जुलाई और अगस्त में जबरदस्त खरीदारी के बाद, अब निवेशकों ने **₹20,974 करोड़** की भारी निकासी की है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ गया है।

बाजार से बाहर क्यों भाग रहे विदेशी निवेशक?

जुलाई और अगस्त के महीनों में FPIs ने भारतीय बाजार में ₹50,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया था, लेकिन सितंबर के शुरुआती 18 दिनों में ही तस्वीर पलट गई है। इस बिकवाली के पीछे तीन प्रमुख ग्लोबल कारण हैं:

  1. US बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें: अमेरिका में ब्याज दरें 3.75%-4.00% के दायरे में बनी हुई हैं और 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5% के करीब है। इससे सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स भारतीय जैसे उभरते बाजारों से ज्यादा आकर्षक हो गए हैं।
  2. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिससे भारत में महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट का खतरा बढ़ गया है।
  3. रुपए की कमजोरी: रुपया ₹96 प्रति डॉलर के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। मुद्रा में लगातार गिरावट से विदेशी निवेशकों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है, क्योंकि डॉलर में कन्वर्जन के समय उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।

साल 2026 के डराने वाले आंकड़े

इस साल यानी 2026 की निकासी पिछले साल से काफी ज्यादा है। अब तक FPIs भारतीय शेयरों से ₹2.45 ट्रिलियन निकाल चुके हैं, जो पूरे 2025 साल में हुई ₹1.66 ट्रिलियन की निकासी से काफी ज्यादा है। यह बिकवाली केवल इक्विटी तक सीमित नहीं है, बल्कि डेट मार्केट से भी फंड बाहर निकाले जा रहे हैं।

निवेशकों के लिए आगे की राह

यह ट्रेंड पूरी तरह से ग्लोबल लिक्विडिटी और मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स पर टिका है। फिलहाल लार्ज-कैप स्टॉक्स, जिनमें FPIs की हिस्सेदारी ज्यादा है, उन पर दबाव बना रह सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) किस तरह से बाजार को सहारा देते हैं। आगे कच्चे तेल की चाल और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिरता ही बाजार की अगली दिशा तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.