FPIs का भारतीय बाजार से मोहभंग! अक्टूबर में निकाले **₹44,166 करोड़**, साल भर की निकासी **₹3 लाख करोड़** के पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
FPIs का भारतीय बाजार से मोहभंग! अक्टूबर में निकाले **₹44,166 करोड़**, साल भर की निकासी **₹3 लाख करोड़** के पार

विदेशी निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा है। केवल अक्टूबर महीने में **₹44,166 करोड़** बाहर निकाले गए हैं, जिससे साल 2026 में कुल आउटफ्लो **₹3 लाख करोड़** के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है।

भारतीय इक्विटी मार्केट में विदेशी निवेशकों की तरफ से ऐतिहासिक बिकवाली देखने को मिल रही है। अक्टूबर 2026 में FPIs ने बाजार से ₹44,166 करोड़ की बड़ी रकम निकाली है, जिससे साल 2026 में कुल नेट आउटफ्लो ₹3 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। यह आंकड़ा पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहद चौंकाने वाला है।\n\n### बिकवाली की असली वजह क्या है?\n\nइस भारी गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल लेवल पर कैपिटल का री-एलोकेशन है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स अपना पैसा भारत से निकालकर उन नॉर्थ एशियन बाजारों में लगा रहे हैं, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में जबरदस्त तेजी दिख रही है। भारत के मुकाबले वहां के बाजार वैल्यूएशन के लिहाज से निवेशकों को फिलहाल ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं।\n\nसाथ ही, अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरें भी आग में घी का काम कर रही हैं। 10-वर्षीय अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड का 5% से ऊपर बने रहना निवेशकों को सुरक्षित और निश्चित रिटर्न का विकल्प दे रहा है, जिसके चलते वे जोखिम भरे इमर्जिंग मार्केट्स (जैसे भारत) से अपना पैसा निकाल रहे हैं।\n\n### बाजार पर असर और घरेलू निवेशकों का रोल\n\nइस बिकवाली का सीधा असर Nifty 50 पर पड़ा है, जो साल 2026 में अब तक 13% से 15% तक गिर चुका है। इसके अलावा, कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96-97 के स्तर पर कमजोर होना भी बाजार के सेंटीमेंट को बिगाड़ रहा है।\n\nहालांकि, बाजार पूरी तरह से धराशायी नहीं हुआ है। इसकी वजह है हमारे डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs), जिन्होंने भारी मात्रा में लिक्विडिटी इंजेक्ट करके विदेशी बिकवाली के दबाव को काफी हद तक थाम रखा है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, रुपये की चाल और घरेलू खरीदारी की निरंतरता पर बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.