सितंबर महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी निकासी की है। 19 सितंबर तक FPIs ने सेकेंडरी मार्केट में **₹23,676 करोड़** के शेयर बेचे हैं, जबकि प्राइमरी मार्केट (IPO) में इनका निवेश अभी भी जारी है।
सेकेंडरी मार्केट से निकासी, प्राइमरी में दिलचस्पी
जुलाई और अगस्त में खरीदारी का रुख दिखाने के बाद, विदेशी निवेशकों का मिजाज सितंबर में बदल गया है। 1 सितंबर से 19 सितंबर के बीच FPIs ने बाजार से ₹23,676 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है। हालांकि, प्राइमरी मार्केट की तस्वीर अलग है। इसी दौरान FPIs ने नए शेयर इश्यूज (IPO) में ₹2,703 करोड़ का निवेश किया है, जो बताता है कि वे चुनिंदा और नए अवसरों पर अभी भी दांव लगा रहे हैं।
प्राइमरी मार्केट का बदलता गणित
SEBI के आंकड़ों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर FY26 में अब तक FPIs का प्राइमरी मार्केट में निवेश ₹70,822 करोड़ रहा है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर FY25 के ₹1.21 लाख करोड़ के मुकाबले 41% कम है। यह दर्शाता है कि प्राइमरी मार्केट की रफ्तार अब सुस्त पड़ती दिख रही है।
Nifty के लिए क्या हैं संकेत?
टेक्निकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Nifty 50 इंडेक्स फिलहाल दबाव में है। इंडेक्स के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन का काम कर सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,500 से 23,800 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक इंडेक्स अपने हालिया हाई के ऊपर सस्टेन नहीं करता, तब तक बाजार का रुख रेंज-बाउंड रहने की संभावना है।
IPO बाजार: वैल्यूएशन को लेकर सतर्कता
IPO मार्केट में भी अब निवेशक काफी सोच-समझकर पैसा लगा रहे हैं। जहां SS Retail और Jindal Supreme जैसे नामों को ग्रे मार्केट में अच्छा प्रीमियम मिल रहा है, वहीं Hero Motors जैसे इश्यूज डिस्काउंट पर दिख रहे हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि निवेशक अब हर IPO में कूदने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और वैल्यूएशन को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों में Varmora Granito, Elevate Campuses, ArMee Infotech, Swastika Infra, Adroit Industries और A-One Steels जैसे इश्यूज पर टिकी हैं।
