FPIs का भारतीय बाजार पर भरोसा: अगस्त में जमकर की खरीदारी, लगा डाले **₹23,544 करोड़**

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AuthorAditya Rao|Published at:
FPIs का भारतीय बाजार पर भरोसा: अगस्त में जमकर की खरीदारी, लगा डाले **₹23,544 करोड़**

लंबे समय तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों (FPIs) ने फिर से भारतीय बाजार का रुख किया है। अगस्त 2026 में FPIs ने भारतीय शेयरों में **₹23,544 करोड़** का बड़ा निवेश किया है, जो बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।

अगस्त 2026 के 27 दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय इक्विटी में कुल ₹23,544 करोड़ का निवेश किया है। यह चार महीने की लगातार बिकवाली के बाद बाजार के लिए एक बड़ी राहत है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि इस साल के कैलेंडर ईयर के हिसाब से अभी भी FPIs 'नेट सेलर' बने हुए हैं, जिससे यह साफ है कि यह रुझान पूरी तरह से पलटा नहीं है, बल्कि अभी एक रिकवरी का दौर है।\n\n### तेजी की मुख्य वजहें\nबाजार में आई इस नई रौनक के पीछे मुख्य कारण बेहतर होते कॉर्पोरेट नतीजे और स्टेबल होती मार्किट वैल्युएशन हैं। अगस्त के अंत तक निफ्टी 50 का फॉरवर्ड पीई मल्टीपल (Price-to-Earnings Multiple) 20.4 से 20.7 के बीच बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दायरा 'फेयर वैल्यू' के करीब है, जिसने विदेशी संस्थानों को फिर से बाजार में एंट्री लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।\n\nइसके अलावा, S&P Global Ratings ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को स्थिर रखते हुए BBB (लॉन्ग-टर्म) और A-2 (शॉर्ट-टर्म) रेटिंग दी है। वहीं, बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और क्रेडिट ग्रोथ ने भी घरेलू इंडेक्स को सहारा दिया है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)\nहालांकि बाजार में पैसा आ रहा है, लेकिन चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे रहते हैं, तो इसका सीधा असर भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट और रुपये की वैल्यू पर पड़ सकता है। इसके साथ ही, Reserve Bank of India (RBI) द्वारा लगातार जताई जा रही महंगाई की चिंता ब्याज दरों के भविष्य पर सवालिया निशान लगाती है। निवेशकों को आने वाले दिनों में ग्लोबल शॉक और महंगाई के आंकड़ों पर बारीक नजर रखनी होगी ताकि यह तय हो सके कि यह निवेश का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.