FMCG सेक्टर पर संकट! UPI ट्रांजेक्शन फीस से मुनाफे पर लग सकती है सेंध

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AuthorAditya Rao|Published at:
FMCG सेक्टर पर संकट! UPI ट्रांजेक्शन फीस से मुनाफे पर लग सकती है सेंध

FMCG डिस्ट्रीब्यूटर्स ने **₹2,000** से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर **0.4%** फीस लगाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। डिस्ट्रीब्यूटर्स का दावा है कि इससे उनका नेट प्रॉफिट **30%** तक कम हो सकता है।

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AICPDF) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर ₹2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% मर्चेंट फीस (MDR) लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। एफएमसीजी सेक्टर, जो कि बेहद कम मार्जिन (1% से 5%) पर काम करता है, के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है।\n\n### मुनाफे पर सीधा असर\nडिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और वर्किंग कैपिटल के खर्चों के बाद यह 0.4% की फीस उनके नेट प्रॉफिट का करीब 30% हिस्सा खत्म कर सकती है। यह मामला ITC और Dabur जैसी दिग्गज कंपनियों की सप्लाई चेन के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।\n\n### B2B ट्रांजेक्शन के लिए छूट की मांग\nइंडस्ट्री ने सरकार से विशेष रूप से B2B ट्रांजेक्शन के लिए पूर्ण छूट की मांग की है। डिस्ट्रीब्यूटर्स का तर्क है कि यदि हर स्टेज पर ट्रांजेक्शन फीस जोड़ी गई, तो इसका असर अंततः रिटेल कीमतों पर पड़ेगा या फिर डिजिटल पेमेंट सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर व्यापारियों का उत्साह कम होगा।\n\n15 अक्टूबर की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही व्यापारियों में उलझन है। निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या सरकार B2B पेमेंट्स के लिए कोई राहत देती है या नहीं, क्योंकि इसका असर सप्लाई चेन की सुगमता पर सीधा पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.