Nirmala Sitharaman: 10% ग्रोथ के लिए 'Tech' पर दांव, एग्रीकल्चर और स्टार्टअप्स पर रहेगा फोकस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nirmala Sitharaman: 10% ग्रोथ के लिए 'Tech' पर दांव, एग्रीकल्चर और स्टार्टअप्स पर रहेगा फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत एग्रीकल्चर और ट्रेडिशनल सेक्टर्स में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके डबल-डिजिट (10%) ग्रोथ हासिल कर सकता है। निवेशकों के लिए यह डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एफिशिएंसी में सुधार का एक बड़ा संकेत है।

टेक्नोलॉजी ही भविष्य की ग्रोथ का रास्ता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में IIT मद्रास के पूर्व छात्रों को संबोधित करते हुए भारत को 'विकसित अर्थव्यवस्था' बनाने का विजन रखा है। उनका साफ कहना है कि देश को पुरानी सोच को पीछे छोड़कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स के जरिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर फोकस करना होगा।

एग्री-टेक में बड़ा बदलाव

सरकार का सबसे ज्यादा जोर कृषि क्षेत्र में तकनीक के समावेश पर है। उर्वरक (Fertilizer) वितरण नेटवर्क में POS मशीनों का उपयोग इसका बड़ा उदाहरण है, जिससे मिट्टी की सेहत और फसल की जरूरतों का सटीक डेटा मिल रहा है।

निवेशकों के नजरिए से देखें, तो फर्टिलाइजर कंपनियों के लिए यह गेम-चेंजर हो सकता है। डेटा-संचालित वितरण से सब्सिडी लीक होने का खतरा कम होगा और ऑपरेशनल वेस्ट में 10-15% तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा, खेती में ड्रोन और जियोस्पेशियल मैपिंग का इस्तेमाल कंपनियों के लिए मार्जिन बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

स्टार्टअप्स का बढ़ता दबदबा

वित्त मंत्री ने 2015 से स्टार्टअप इकोसिस्टम में आई तेजी को भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ बताया। सरकार की योजना है कि इन नए स्टार्टअप्स को ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज के साथ जोड़ा जाए ताकि मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स की लागत को कम किया जा सके। अगर बड़ी कंपनियां स्टार्टअप्स के टेक-सॉल्यूशंस अपनाती हैं, तो उनके प्रॉफिट मार्जिन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

आने वाले समय में मार्केट को उन सरकारी पॉलिसीज पर नजर रखनी चाहिए जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फर्टिलाइजर सब्सिडी मैकेनिज्म में बदलाव लाती हैं। हालांकि 10% ग्रोथ का लक्ष्य काफी बड़ा है, लेकिन डिजिटल एफिशिएंसी की तरफ यह सरकारी नीति आने वाले समय में एग्रीकल्चर, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक सेक्टर की कंपनियों की वर्किंग स्टाइल को पूरी तरह बदल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.