Sensex का बड़ा क्रैश: FIIs ने निकाले **₹12,944 करोड़**, निवेशकों के डूबे **₹10 लाख करोड़**

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Sensex का बड़ा क्रैश: FIIs ने निकाले **₹12,944 करोड़**, निवेशकों के डूबे **₹10 लाख करोड़**

8 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ताबड़तोड़ **₹12,944 करोड़** के शेयर बेचे, जिसके चलते BSE Sensex **1,000** अंकों से ज्यादा टूट गया और निवेशकों की **₹10 लाख करोड़** की संपत्ति स्वाहा हो गई।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि BSE Sensex 1,045.46 अंक गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ, वहीं Nifty 50 371.25 अंकों की गिरावट के साथ 22,231.80 पर आकर सिमट गया। इस गिरावट ने बाजार का मार्केट कैप करीब ₹10 लाख करोड़ घटा दिया है।

बिकवाली के इस तूफान के पीछे मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) रहे, जिन्होंने एक ही दिन में ₹12,944 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹10,703.11 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन विदेशी बिकवाली के भारी दबाव के सामने यह नाकाफी साबित हुई।

मैक्रो-इकोनॉमिक प्रेशर पॉइंट्स

बाजार की इस सुस्ती की बड़ी वजह वैश्विक और घरेलू स्तर पर बढ़ता दबाव है। मध्य-पूर्व में तनाव के कारण Brent क्रूड ऑयल की कीमतें $104 प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ने और महंगाई का खतरा पैदा हो गया है। साथ ही, अमेरिका में 10-year Treasury yield का 5.3% पर पहुंचना भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ऊंचे रिटर्न के चलते FIIs अब उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेश कर रहे हैं।

घरेलू पॉलिसी और सेक्टर पर असर

घरेलू मोर्चे पर Reserve Bank of India (RBI) ने 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) का रुख अपनाते हुए रेपो रेट को 5.50% कर दिया है। ब्याज दरें बढ़ने से कंपनियों के लिए कर्ज महंगा हो गया है, जिससे मुनाफे पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। सेक्टरवाइज देखें तो मेटल स्टॉक्स 3% से ज्यादा गिरे, जबकि रियल्टी और कैपिटल गुड्स में भी भारी बिकवाली रही। हालांकि, आईटी और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर ने कुछ हद तक बचाव दिखाया है। अब निवेशकों की नजर कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.