सोमवार को Emerging Markets के स्टॉक्स और करेंसियों में जोरदार उछाल देखा गया। अमेरिका से आए आंकड़ों में जुलाई महीने में **23,000** नौकरियां कम होने की खबर है। इस कमजोरी ने फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की भूख बढ़ी है। अब निवेशक ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी का अगला कदम समझने के लिए अमेरिका के महंगाई (Inflation) के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
Emerging Markets में रौनक
अमेरिका से आए आंकड़ों पर दुनिया भर के बाजारों ने सोमवार को पॉजिटिव रिएक्शन दिया, जिससे Emerging Markets के स्टॉक्स और करेंसियों में व्यापक तेजी देखी गई। MSCI Emerging Markets Index 0.7% चढ़ा, जो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता के बीच सेंटिमेंट में आए बदलाव का संकेत है।
बुरी खबर ही निकली अच्छी खबर!
फाइनेंस की दुनिया में, कभी-कभी खराब आर्थिक खबरें स्टॉक मार्केट के लिए अच्छी साबित होती हैं। इस बार, अमेरिका में कमजोर जॉब क्रिएशन को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वहां की इकोनॉमी धीमी पड़ रही है। इसी वजह से ट्रेडर्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व के पास ब्याज दरें बढ़ाने की वजह कम होगी। रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर में फेड रेट हाइक की मार्केट-इंप्लाइड प्रोबेबिलिटी घटकर लगभग 44% रह गई है, जो पहले 55% थी। अमेरिका में कम ब्याज दरें आमतौर पर डॉलर को कमजोर करती हैं और ग्लोबल निवेशकों को Emerging Markets में पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं, जहां ग्रोथ की उम्मीदें ज्यादा होती हैं।
टेक सेक्टर का कमाल
इस तेजी में टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे आगे रहा। Taiwan Semiconductor Manufacturing Co., Delta Electronics Inc., और SK Hynix Inc. जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों के स्टॉक्स ने इंडेक्स को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। इन स्टॉक्स की मजबूती ग्लोबल निवेशकों के बीच रिस्क लेने की बढ़ी हुई भूख को दर्शाती है, जो ग्रोथ के अवसरों की तलाश में हैं।
खतरे की घंटी और महंगाई की चिंता
हालांकि, बाजार ने US लेबर डेटा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन निवेशकों को अभी भी कुछ बड़े जोखिमों पर नजर रखनी होगी। मिडिल ईस्ट में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चा तेल (Crude Oil) $84 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर एनर्जी की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं, तो इससे महंगाई बढ़ सकती है, जिससे सेंट्रल बैंकों को लेबर मार्केट के ठंडा पड़ने के बावजूद ब्याज दरें उम्मीद से ज्यादा समय तक ऊंची रखनी पड़ सकती हैं।
इसके अलावा, निवेशकों को सिर्फ एक महीने के एम्प्लॉयमेंट डेटा से बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं लगानी चाहिए। बाजार के लिए अगली बड़ी घटना इस हफ्ते आने वाला US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा है। यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर होगी, क्योंकि यह इस बात की स्पष्ट तस्वीर देगी कि महंगाई वास्तव में धीमी हो रही है या नहीं। अगर CPI डेटा उम्मीद से ज्यादा आता है, तो यह मौजूदा ऑप्टिमिज्म को जल्दी ही उलट सकता है और फेडरल रिजर्व द्वारा और सख्ती बरतने की आशंकाओं को फिर से जगा सकता है।
