ग्लोबल मार्केट्स में अब ट्रेंड बदल रहा है। बीते **18** महीनों में इमर्जिंग मार्केट्स ने **62%** का रिटर्न दिया है, जो US टेक जायंट्स के **25%** गेन से कहीं ज्यादा है। Franklin Templeton Institute ने बढ़ती लिक्विडिटी की कमी और मार्केट में आने वाली भारी वोलेटिलिटी (Volatility) को लेकर अलर्ट जारी किया है।
ग्लोबल इक्विटी मार्केट में अब नेतृत्व बदलता हुआ दिख रहा है। पिछले कुछ समय तक मार्केट की रफ्तार मुख्य रूप से चुनिंदा अमेरिकी टेक कंपनियों, जिन्हें 'मैग्निफिसेंट सेवन' (Magnificent Seven) कहा जाता है, पर टिकी थी। लेकिन Franklin Templeton Institute के हालिया आंकड़े बताते हैं कि अब पैसा व्यापक बाजारों की ओर रुख कर रहा है। MSCI Emerging Markets Index ने पिछले 18 महीनों में 62% का शानदार रिटर्न दिया है, जो कि अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनियों के 25% के मुकाबले काफी बेहतर है।
क्यों बदल रही है निवेशकों की पसंद?
निवेशक अब महंगे हो चुके अमेरिकी टेक सेक्टर से हटकर दूसरे भौगोलिक क्षेत्रों और इंडस्ट्रियल सेक्टर में वैल्यू तलाश रहे हैं। Russell 1000 Value और Russell 2000 Value जैसे इंडेक्स ने भी क्रमशः 40% और 39% की बढ़त दर्ज की है, जो साफ इशारा है कि रैली का दायरा अब बढ़ रहा है।
लिक्विडिटी का संकट और रिस्क
Franklin Templeton ने चेतावनी दी है कि सस्ती और आसान ग्लोबल लिक्विडिटी का दौर खत्म हो रहा है। जैसे-जैसे दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त कर रहे हैं, बाजार में पैसा कम हो रहा है। ऐसे में निवेशकों को अब ज्यादा सतर्क रहना होगा। मार्केट अब उन्हीं कंपनियों को रिवॉर्ड देगा जो लगातार प्रॉफिट ग्रोथ दिखा रही हैं।
पोर्टफोलियो के लिए सलाह
आने वाले समय में मार्केट में उतार-चढ़ाव यानी वोलेटिलिटी ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल एक ही सेक्टर या चुनिंदा स्टॉक्स पर दांव न लगाएं। अब फोकस 'क्वालिटी फंडामेंटल्स' वाली कंपनियों पर रखने का समय है, जो लिक्विडिटी कम होने के बावजूद बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
