Election Commission of India ने वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाने का फैसला किया है। प्रशासनिक सुधारों के चलते दिल्ली और महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन की तारीखें भी आगे बढ़ा दी गई हैं।
घर-घर जाकर होगा वेरिफिकेशन
Election Commission of India (ECI) ने नागरिकों की सुविधा के लिए अपनी वेरिफिकेशन रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब Booth Level Officers घर-घर जाकर जरूरी दस्तावेज कलेक्ट करेंगे, जिससे लोगों को चुनाव कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जो लोग घर पर उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए अधिकृत प्रतिनिधि (authorized adult representative) के जरिए वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, कमजोर वर्ग के लिए मोबाइल हेल्प डेस्क भी बनाए जा रहे हैं।
आंतरिक विवादों पर लगाम
यह बदलाव आयोग के भीतर चल रहे प्रशासनिक तनाव को सुलझाने की दिशा में भी एक कदम है। Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार और अन्य आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच ECINet सॉफ्टवेयर और IT मैनेजमेंट को लेकर चल रहे मतभेदों के बाद, आयोग ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है। इसमें IIT और IIIT के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो डेटा सेंट्रलाइजेशन और IT मॉड्यूल की निगरानी करेंगे।
रजिस्ट्रेशन की नई तारीखें
प्रशासनिक ट्रांजिशन को देखते हुए ECI ने दो बड़े राज्यों में राहत दी है:
- दिल्ली: दावों और आपत्तियों के लिए समय सीमा 30 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ाई गई है, और फाइनल डिस्पोजल 30 नवंबर, 2026 तक होगा।
- महाराष्ट्र: यहाँ की समय सीमा 12 अक्टूबर, 2026 तक कर दी गई है, और आधिकारिक प्रोसेसिंग 10 नवंबर, 2026 तक पूरी की जाएगी।
