EY India के चेयरमैन राजीव मेमानी ने भारत की **7.8%** इकोनॉमिक ग्रोथ को बनाए रखने के लिए GST, टैक्स विवादों और विदेशी निवेश नीतियों में तत्काल सुधार की मांग की है।
भारत की इकोनॉमी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए EY India के चेयरमैन और CEO राजीव मेमानी का मानना है कि स्ट्रक्चरल पॉलिसी में बदलाव बेहद जरूरी है।
GST और टैक्स में सुधार की जरूरत
मेमानी के अनुसार, GST के मौजूदा ढांचे में सुधार की काफी गुंजाइश है। विशेष रूप से Central GST Act की धारा 17(5), जो इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रोक लगाती है, उसे हटाना चाहिए। इसके अलावा, 'वन टैक्सपेयर, वन ऑडिट' मॉडल को अपनाने से अलग-अलग राज्यों में काम करने वाली कंपनियों की कंप्लायंस थकान (compliance fatigue) कम होगी।
निवेश और विवादों का समाधान
इन्वेस्टमेंट के मोर्चे पर, बड़े प्रोजेक्ट्स में आने वाली लैंड एक्विजिशन और पर्यावरण संबंधी अड़चनों को दूर करने के लिए एक हाई-लेवल अथॉरिटी की जरूरत है। देश में डायरेक्ट टैक्स से जुड़े लगभग ₹16 लाख करोड़ के विवाद अभी भी लंबित हैं। मेमानी का सुझाव है कि निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए विवाद सुलझाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी होगी और रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स से बचना होगा।
सप्लाई चेन की मजबूती
ग्लोबल अस्थिरता से बचने के लिए सप्लाई चेन को सुरक्षित करना भी एक बड़ा लक्ष्य है। डेटा ट्रैकिंग को बेहतर बनाने के लिए सभी GST फाइलिंग में 8-डिजिट के HSN कोड का इस्तेमाल अनिवार्य करने पर जोर दिया गया है। इससे सरकार को सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों की रियल-टाइम जानकारी मिल सकेगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को समय रहते मदद दी जा सकेगी।
