यूरोपियन रेगुलेटर्स ने इस साल चीन से आने वाले चावल और उससे बने उत्पादों की **5** खेप को ब्लॉक कर दिया है। इन उत्पादों में अनधिकृत जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म (GMO) पाए गए हैं, जिससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यूरोपियन यूनियन के 'रैपिड अलर्ट सिस्टम फॉर फूड एंड फीड' (RASFF) ने इस वर्ष चीनी खाद्य उत्पादों में अनधिकृत GMO पाए जाने के 5 अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए हैं। इसमें राइस स्टिक्स, नूडल्स, हाइड्रोलाइज्ड राइस फ्लोर और मिसो पेस्ट जैसे उत्पाद शामिल हैं। यूरोपियन खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों ने इनमें 35S टर्मिनेटर डीएनए सीक्वेंस और Bt-63 ट्रेड्स जैसे जेनेटिक मार्कर्स की पहचान की है, जो वैज्ञानिक शोध के लिए तो हैं, लेकिन कमर्शियल खाद्य श्रृंखला के लिए इन्हें मंजूरी नहीं है।\n\nयह पहली बार नहीं है, बल्कि 2002 से अब तक चीन से होने वाले खाद्य निर्यात के खिलाफ ऐसे 275 से ज्यादा अलर्ट दर्ज किए जा चुके हैं। यह घटना वैश्विक कृषि व्यापार में बढ़ते तनाव के बीच हुई है। चीन ने खुद भी 2026 की पहली छमाही में 146 विदेशी खाद्य खेपों को रिजेक्ट किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 38 था।\n\nकृषि क्षेत्र के निवेशकों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। यूरोप जैसे विकसित बाजारों में GMO और अन्य दूषित तत्वों की टेस्टिंग बढ़ने से कंपनियों पर अनुपालन (Compliance) का बोझ बढ़ गया है। इसका सीधा असर एक्सपोर्टर्स की लागत और मुनाफे पर पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें अब टेस्टिंग और सप्लाई चेन वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा खर्च करना होगा। भारत, जो यूरोप के लिए चावल का एक बड़ा आपूर्तिकर्ता है, उसे भी अब इस बढ़ती कड़ी निगरानी के माहौल में अपना व्यापार सुरक्षित रखने के लिए अधिक सतर्क रहना होगा।
