दिल्ली सरकार ने नई 'लक्ष्मी योजना' लॉन्च की है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने **₹2,500** की मदद मिलेगी। इस स्कीम के लिए **₹5,110 करोड़** का बजट रखा गया है, जिसमें एक बड़ा हिस्सा जुलाई 2029 तक लॉक रहेगा।
दिल्ली सरकार ने 26 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का आगाज किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी स्कीम को ₹5,110 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य 21 से 60 वर्ष की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
कैसे मिलेगी यह रकम?
योजना के तहत मिलने वाली ₹2,500 की राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- रिकरिंग डिपॉजिट (RD): हर महीने ₹1,500 सीधे एक आरडी खाते में जमा किए जाएंगे, जो 31 जुलाई 2029 तक लॉक रहेंगे। लाभार्थी चाहें तो पूरी ₹2,500 की राशि भी इसी खाते में जमा कर सकते हैं।
- CBDC वॉलेट: बाकी बचे ₹1,000 सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट के माध्यम से दिए जाएंगे।
सरकार ने दो साल बाद इस पॉलिसी की शर्तों की समीक्षा करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा है।
डिजिटल निगरानी और 'नेगेटिव लिस्ट'
CBDC वॉलेट का इस्तेमाल करने का मतलब है कि सरकार खर्च पर नजर रखेगी। इस राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थ, लॉटरी और जुआ जैसी चीजों पर नहीं किया जा सकेगा। यह सुनिश्चित करता है कि पैसा केवल जरूरी घरेलू खर्चों में ही काम आए।
पात्रता और शर्तें
योजना का लाभ उठाने के लिए महिला का दिल्ली का निवासी होना और परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख से कम होना जरूरी है। साथ ही महिला का वोटर होना अनिवार्य है। सरकार ने उन परिवारों को बाहर रखा है जो टैक्स भरते हैं, जीएसटी फाइल करते हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है या जो साल में 2,400 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं।
फिलहाल, महिला एवं बाल विकास विभाग इसका पूरा प्रबंधन कर रहा है, ताकि जरूरतमंदों को आधार या बायोमेट्रिक सत्यापन में कोई दिक्कत न आए।
