Delhi Industrial Norms: प्रदूषण पर सरकार का कड़ा रुख, 2,354 फैक्ट्रियों के लिए सख्त नियम लागू

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Delhi Industrial Norms: प्रदूषण पर सरकार का कड़ा रुख, 2,354 फैक्ट्रियों के लिए सख्त नियम लागू

दिल्ली में इंडस्ट्रियल एमिशन नॉर्म्स (Emission Norms) को सख्त कर दिया गया है। 1 अक्टूबर से पार्टिकुलेट मैटर की लिमिट घटाकर **50 mg/Nm3** कर दी गई है। नियम न मानने वाली **57** यूनिट्स को पहले ही सील किया जा चुका है।

सर्दियों से पहले दिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सरकार ने औद्योगिक इकाइयों पर शिकंजा कस दिया है। अब पार्टिकुलेट मैटर की सीमा को 80 मिलीग्राम से घटाकर 50 मिलीग्राम प्रति नॉर्मल क्यूबिक मीटर कर दिया गया है। नियम के तहत 2,354 लक्षित उद्योगों को अब 'ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम' (OCEMS) लगाना अनिवार्य है, जिससे प्रदूषण का लाइव डेटा सीधे सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के पास पहुंचेगा।\n\n### लागत और कंप्लायंस का नया दबाव\nसरकार ने साफ किया है कि प्रदूषण कंट्रोल करने वाले उपकरण केवल नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (NPC) द्वारा अधिकृत वेंडर्स से ही लिए जा सकेंगे। तकनीकी संस्थानों से एडिक्वेसी सर्टिफिकेट लेना भी जरूरी कर दिया गया है, ताकि बेकार मशीनों पर कंपनियों का पैसा बर्बाद न हो। हालांकि, इस फैसले से छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए खर्च बढ़ना तय है।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम (Risk Assessment)\nऑपरेशन्स बंद होने के डर से उन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है जिनके पास बड़ी नकदी (Cash Reserves) नहीं है। अब तक 57 इकाइयों पर ताले लग चुके हैं। जो कंपनियां नियम मानने में चूक करेंगी, उन्हें तत्काल बंदी का सामना करना पड़ सकता है। सरकार ने NCR में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 157 कर दी है, जिससे आने वाले महीनों में निगरानी और कड़ी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.