सरकार के व्यापार निगरानी निकाय, DGTR ने चीन से आयातित मोबाइल कवर पर **$72** प्रति **1,000** यूनिट की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है। यह कदम स्थानीय MSMEs को सस्ता चीनी माल से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।
भारत के व्यापार निगरानी निकाय, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने चीन से आने वाले मोबाइल कवर पर 5 साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह फैसला सितंबर 2025 में शुरू हुई एक विस्तृत जांच के बाद लिया गया है, जिसमें स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स की शिकायतों को मुख्य आधार बनाया गया था।
स्थानीय उद्योगों को सुरक्षा
DGTR की जांच में सामने आया कि चीन से आने वाले बेहद सस्ते कवर ने भारतीय बाजार के 51% हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इन आयातित कवर की कीमत औसतन ₹2.14 प्रति यूनिट तक गिर गई थी, जिससे भारतीय MSMEs के लिए मुकाबला करना मुश्किल हो गया था। अब $72 प्रति 1,000 यूनिट की ड्यूटी लगाकर सरकार इस बाजार असंतुलन को ठीक करने की कोशिश कर रही है।
सप्लाई चेन पर असर
इस फैसले का असर उन सभी कंपनियों और वितरकों पर पड़ेगा जो चीन से तैयार मोबाइल एक्सेसरीज मंगाते हैं। जैसे ही वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) इसकी अधिसूचना जारी करेगा, इन वस्तुओं की लागत बढ़ जाएगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या स्थानीय निर्माता इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए अपनी कैपेसिटी बढ़ा पाते हैं या नहीं।
रिस्क और आगे की राह
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से जहां एक तरफ घरेलू यूनिट्स को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ ड्यूटी से बचने के लिए सामान को तीसरे देशों के रास्ते लाने (Circumvention) का रिस्क भी बना रहेगा। यदि घरेलू प्रोडक्शन तेजी से नहीं बढ़ा, तो मोबाइल कवर के दाम आम उपभोक्ताओं के लिए बढ़ सकते हैं।
