DGFT Portal Update: निर्यातकों के लिए खुशखबरी, Bank Guarantee मैनेजमेंट हुआ अब और भी आसान

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AuthorNeha Patil|Published at:
DGFT Portal Update: निर्यातकों के लिए खुशखबरी, Bank Guarantee मैनेजमेंट हुआ अब और भी आसान

DGFT ने अपने Bank Guarantee Repository Module को अपग्रेड कर दिया है। अब निर्यातकों को एक्सपायरी के लिए ऑटोमेटेड अलर्ट और डिजिटल स्टेटस ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे कागजी काम का बोझ कम होगा।

Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने अपने Bank Guarantee (BG) Repository Module में बड़े बदलाव किए हैं, जो 28 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इसका मुख्य मकसद भारतीय निर्यातकों के लिए 'Ease of Doing Business' को बढ़ावा देना है ताकि पुरानी और बोझिल मैन्युअल प्रक्रियाओं से छुटकारा मिल सके।

नई डिजिटल सुविधाएं

अब निर्यातकों को बैंक गारंटी की समय सीमा खत्म होने से 60 दिन और 45 दिन पहले ऑटोमेटेड ईमेल नोटिफिकेशन मिलेंगे। इससे रिन्यूअल या नई गारंटी लेने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। पोर्टल पर अब गारंटी का स्टेटस भी रियल-टाइम में दिखेगा, जैसे कि 'Pending Acceptance', 'Accepted' या 'Encashment Notice Issued'। इसके अलावा, रीजनल अथॉरिटीज अब डिजिटल तरीके से ही रिन्यूअल नोटिस या इनकैशमेंट रिक्वेस्ट जारी कर सकेंगी।

प्रमुख स्कीम्स पर असर

यह बदलाव खास तौर पर Advance Authorisation (AA) और Export Promotion Capital Goods (EPCG) स्कीम का इस्तेमाल करने वाले निर्यातकों के लिए फायदेमंद है। अब इन फाइल्स का स्टेटस ऑटोमैटिक तरीके से 'Accepted' हो जाएगा, जैसे ही फाइल सिस्टम में अप्रूव होगी। इससे अलग-अलग रीजनल ऑफिसों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

निर्यातकों के लिए जरूरी निर्देश

निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि DGFT पोर्टल पर उनका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी एकदम सही अपडेटेड हो, ताकि वे महत्वपूर्ण अलर्ट मिस न करें। साथ ही, डिजिटल ऑथेंटिकेशन के लिए अपने Digital Signature Certificates (DSCs) की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। सिस्टम के शुरुआती रोलआउट के दौरान अपने रिकॉर्ड्स को एक बार जरूर क्रॉस-चेक करें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.