Cyclone Murasu ने आंध्र प्रदेश में कहर बरपाया है, जिससे राज्य को अनुमानित **₹344 करोड़** का आर्थिक नुकसान हुआ है। चक्रवात से **52,000 हेक्टेयर** फसलें बर्बाद हो गईं और बिजली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास मंगलवार को Cyclone Murasu ने दस्तक दी, जिससे 15 जिलों में भारी तबाही मची है। 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने न केवल ग्रामीण इलाकों को प्रभावित किया है, बल्कि राज्य के प्रमुख बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकारी मशीनरी राहत और बचाव कार्यों में जुटी है।
पावर ग्रिड पर दबाव
तूफान के कारण बिजली विभाग को भारी नुकसान हुआ है, जिसके तहत 2,750 बिजली के खंभे उखड़ गए हैं और कई ट्रांसमिशन लाइनों व सब-स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचा है। यूटिलिटी कंपनियों के लिए अब मरम्मत का काम एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसमें लॉजिस्टिक्स और मटेरियल की लागत बढ़ सकती है। निवेशकों के लिए बापटला और प्रकाशम जैसे प्रभावित जिलों में बिजली सप्लाई की बहाली की गति सबसे अहम मॉनिटरेबल फैक्टर है।
कृषि क्षेत्र और सप्लाई चेन
कृषि सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहाँ 52,000 हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य जमीन जलमग्न हो गई है। धान, कपास और मक्के की तैयार फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, 35 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और नेशनल हाईवे पर जाम के कारण सामान की आवाजाही ठप पड़ गई है, जिससे सप्लाई चेन में बड़ी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
वर्तमान में, सरकार 12,000 से अधिक विस्थापित लोगों को राहत कैंपों में मदद पहुंचा रही है। आने वाले समय में, सरकारी मुआवजे और राहत पैकेज की घोषणाएं राज्य की आर्थिक रिकवरी की गति तय करेंगी।
