मौसम विभाग (IMD) ने Cyclone Arnab को लेकर हाई-अलर्ट जारी किया है। यह तूफान काकीनाडा और यनम के बीच टकरा सकता है, जिससे पोर्ट ऑपरेशंस और एग्रीकल्चर सेक्टर पर असर पड़ने की आशंका है।
तूफान का सीधा असर
इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि तूफान के दौरान समुद्र में 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जो आंध्र प्रदेश और यनम के निचले इलाकों में जलभराव का कारण बन सकती हैं।
एक्वाकल्चर और पोर्ट पर नजर
निवेशकों की नजरें अब तटीय आंध्र प्रदेश की इकोनॉमी पर टिकी हैं। यह क्षेत्र एक्वाकल्चर, खास तौर पर झींगा पालन का एक बड़ा केंद्र है। भारी बारिश और बाढ़ से झींगा तालाबों को नुकसान हो सकता है, जिससे सीफूड एक्सपोर्ट सेक्टर में सप्लाई चेन की दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा, काकीनाडा जैसे पोर्ट्स पर माल की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्गो हैंडलिंग और जहाजों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
खेती पर भी बादल
तूफान का दायरा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से निकलकर तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक तक फैलने की उम्मीद है। इन राज्यों में धान की फसल को नुकसान होने का डर है। एग्री-बिजनेस से जुड़ी कंपनियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि भारी बारिश से फसल कटाई में देरी और पैदावार घटने का जोखिम बना हुआ है।
आने वाले दिनों में निवेशकों को इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान और पोर्ट ऑपरेशंस की बहाली पर सरकार की रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि तूफान के गुजरने के बाद सप्लाई चेन कितनी तेजी से सामान्य हो पाती है।
